इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ जिले के लाड़नपुर गांव का राजस्व नक्शा अभिलेखागार से गायब होने पर हैरानी जताई है। कहा कि ऐसी लापरवाही से न केवल ग्रामीण जनता को असुविधा होती है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े होते हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ जिले के लाड़नपुर गांव का राजस्व नक्शा अभिलेखागार से गायब होने पर हैरानी जताई है। कहा कि ऐसी लापरवाही से न केवल ग्रामीण जनता को असुविधा होती है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े होते हैं।
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इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की अदालत ने डीएम और तहसीलदार से दो हफ्ते में स्पष्टीकरण तलब किया है। चंद्रकांत त्रिपाठी की ओर से दाखिल जनहित याचिका में दावा है कि लाड़नपुर गांव का मूल राजस्व नक्शा राजस्व अभिलेखागार से नदारद है। लेखपाल के पास जो फोटो कॉपी मौजूद है, वह मौजूदा जमीन से मेल नहीं खा रही है। इससे सीमांकन सहित अन्य राजस्व कार्य बाधित हो रहे हैं।
इसकी शिकायतें अधिकारियों के साथ ही मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराई गई है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके खिलाफ जनहित याचिका दाखिल की गई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आदेश की प्रति डीएम और तहसीलदार को तत्काल भेजने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 29 मई को होगी।