इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर के ग्राम प्रधान के खिलाफ जिला कृषि अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त करने वाले आदेश को चुनौती देने वाली विशेष अपील खारिज कर दी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने सहारनपुर के विकास खंड बल्लियाखेड़ी की ग्राम पंचायत शेखपुरा कदीम की प्रधान चम्पा देवी की अपील पर दिया। याची ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। याचिका में जिला कृषि अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किए जाने के पत्र को चुनौती दी गई थी।
दावा किया था कि जिला कृषि अधिकारी को जांच अधिकारी के रूप में नियुक्त करने की सूचना जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से दी गई थी। जबकि, नियमों के तहत उन्हें को जांच अधिकारी नियुक्त करने का कोई क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं है, इसलिए पूरी जांच प्रक्रिया अवैध है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि जिला कृषि अधिकारी का मनोनयन वास्तव में जिला मजिस्ट्रेट ने ही किया गया था। जिला पंचायत राज अधिकारी ने केवल उस आदेश की सूचना प्रसारित की थी। लिहाजा, कोर्ट ने एकल पीठ के आदेश में कोई अवैधता नहीं पाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब नियुक्ति सक्षम प्राधिकारी जिलाधिकारी ने की है, तो याची का दावा आधारहीन है।