ठगों के गैंग का मांडा पुलिस कर रही सहयोग
ग्राम विकास अधिकारी बलवंत सिंह चौहान के साथ चार लाख की ठगी की सूचना और बदमाश की गिरफ्तारी कराने के बाद भी मांडा पुलिस सक्रिय नहीं हुई। कुछ देर में थाने के अंदर चार लाख का बैग मंगाकर ग्राम विकास अधिकारी को दे दिया गया। साथ ही पूरे मामले को रफा-दफा कर दिया गया। ग्रामीणों द्वारा सुपुर्द किए गए ठग को भी छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इसके पहले कई लोगों से ठगी हुई है।
जफरा पहाड़ के आसपास मेजा थाना निवासी एक ओझा के साथ इस तरह की घटना पहले हो चुकी है। वहीं सोने के लालच में कौशाम्बी निवासी एक व्यक्ति भी ठगी का शिकार हो चुका है। प्रयागराज शहर निवासी मोटर गैराज संचालक को भी बदमाशों ने निशाना बनाया था। इनकी शिकायतों को बीते वर्ष पुलिस ने दर्ज किया है। लगातार इस तरह की घटना को अंजाम दिया जा रहा है।
वीडियो न होता तो बात झूठला देती पुलिस
यदि पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल न होता तो मामले को मांडा पुलिस झूठला देती। जब प्रकरण में जानकारी चाही गई तो हल्का उपनिरीक्षक शैतान सिंह फोन पर जानकारी देने से मना कर दिए। थाना प्रभारी संजय संधू का सीयूजी नंबर नहीं उठा। अन्य मुंशी और सिपाही भी कुछ बोलने से इन्कार कर दिए। यही कारण है कि घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी नहीं हो सकी।