मुख्यमंत्री योगी की फ्लीट के रास्ते गुजर रहे अधिवक्ताओं संग पुलिस के दुर्व्यवहार मामले में सरकार ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर सफाई पेश की है। कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय कार्यवाही की जा रही है। वहीं, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने हलफनामे संग हिन्दू हॉस्टल पर हुई घटना की वीडियो फुटेज की पैन ड्राइव अदालत में दाखिल किया है।
कोर्ट ने महानिबंधक को वीडियो फुटेज अगली तारीख तक सुरक्षित रखने व पीड़ित अधिवक्ताओं को दो दिन में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और न्यायमूर्ति मो. अजहर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से दाखिल अपराधिक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
गौरतलब है कि चार फरवरी को सीएम योगी के नगर आगमन के मौके पर पुलिस ने पूरे शहर में बेरिकेडिंग कर रखी थी। इससे शहर का यातयात बुरी तरह बाधित रहा। इसी दौरान हाईकोर्ट जा रहे अधिवक्ताओं को भी पुलिस ने रोक दिया। इसे लेकर वकीलों ने विरोध किया तो पुलिस ने हिन्दू हॉस्टल चौराहे पर अधिवक्ताओं की पिटाई कर दी। आरोप ये भी है कि पुलिस ने वकीलों के एडवोकेट बैंड, कपड़े और मुकदमे की फाइलें भी फाड़ी।
इसके बाद हाइकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी की शिकायत पर मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने मंडलायुक्त, मेलाधिकारी, पुलिस आयुक्त और उपायुक्त यातयात से जवाबी हलफनामा तलब किया था। साथ ही महाकुंभ में भीड़ नियंत्रण के लिए की जा रही बेवजह की बैरिकेडिंग पर मेला प्रशासन को फटकार भी लगाई थी। अब मामले की सुनाई 18 फरवरी को होगी।