नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (नीट) में सफल अभ्यर्थी एमबीबीएस में दाखिले के लिए एमएलएन मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल के टेली मेडिसिन पर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराने पहुंचे। रविवार से शुरू हुई इस प्रक्रिया में 523 अभ्यर्थियों को सत्यापन प्रमाण पत्र दिए गए। 75 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों में खामियां पाई गईं। इस कारण इन्हें वापस भेज दिया गया। ये लोग त्रुटियां ठीक कराकर 13 जुलाई तक फिर से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। बारिश के बावजूद सेंटर पर देर रात तक अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा रहा।
नीट काउंसलिंग के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 9 से 13 जुलाई तक प्रदेश के 14 सेंटरों पर हो रही है। एमएलएन मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल स्थित टेली मेडिसिन सेंटर में सुबह नौ बजे से नीट अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक अभ्यर्थियों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। नोडल अधिकारी डॉ. देवाशीष शर्मा ने बताया कि 598 अभ्यर्थियों ने पहले दिन उपस्थिति दर्ज कराई।
इसमें से 75 के प्रमाण पत्रों में त्रुटियां पाई गईं। असावधानी के कारण हुई खामियों को दुरुस्त करने का उन्हें 13 जुलाई तक का समय दिया गया है। इस अवधि में अगर वे पूर्ण प्रमाण पत्रों के साथ आते हैं तो वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नोडल अधिकारी डॉ. देवाशीष के मुताबिक सभी प्रपत्रों की जांच नियमों के तहत ऑनलाइन और फूलप्रूफ व्यवस्था के तहत की जा रही है। जांच के बाद एनआईसी में प्रमाण पत्रों के दर्ज होने के बाद डॉक्यूमेंट वेरीफाई दिखाते ही प्रिंट आउट निकालने का ऑप्शन आता है। दो प्रतियों में निकले प्रमाण पत्र पर नोडल अधिकारी और अभ्यर्थी का हस्ताक्षर कराया जाता है। इसकी एक प्रति सेंटर पर रखकर दूसरी अभ्यर्थी को दी जाती है। यहीं काउंसिलिंग में काम आएगी।
प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराने आए अभ्यर्थियों में कई रजिस्ट्रेशन फीस अपडेट नहीं होने से घंटों परेशान रहे। उनका वेरिफिकेशन का मामला अटका रहा। अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन फीस के एक हजार रुपये सात जुलाई को स्टेट बैंक में जमा किए थे। रसीद भी उनके पास थी। एनआईसी की साइट पर कुछ अभ्यर्तियों की फीस अपटेड नहीं थी, रसीद दिखाने के बाद भी काम नहीं बना। कुछ देर बाद फीस अपडेट हो गई तो परेशान अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों ने राहत की सांस ली। वहीं कई अभ्यर्थी बीएसएनएल के आधार लिंक नंबर पर मैसेज न आने से भटकते रहे। अभिभावकों को इसके लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। कई पुराने प्रमाण पत्रों को लाकर फंस गए। हालांकि उन्हें 13 जुलाई तक प्रपत्र जमा करने की छूट दी गई है।