विधायक राजू पाल हत्याकांड के चश्मदीद गवाह रहे उमेश पाल के अपहरण के मामले में 17 साल बाद अदालत अपना फैसला सुनाएगी। जिला न्यायालय की स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने 17 मार्च को सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाने के लिए 28 मार्च की तारीख तय की थी। मामले में अतीक, अशरफ सहित कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। आरोपी अंसार बाबा की पहले ही मौत हो चुकी है। कोर्ट के आदेश पर बाकी सभी आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके लिए जिला कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
मामले में उमेश पाल ने पांच जुलाई 2007 को धूमनगंज थाने में उस समय सांसद रहे अतीक अहमद, उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ, दिनेश पासी, खान सौकत हनीफ, अंसार बाबा के खिलाफ अपहरण कर विधायक राजू पाल हत्याकांड मामले में अपने पक्ष में बयान करने का आरोप लगाया था। धूमनगंज पुलिस ने उमेश पाल की तहरीर पर आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 364, 323, 341, 342, 504, 506, 34, 120बी और सेवन सीएल अमेंडमेंट एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।