उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने सत्र न्यायालय केफैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने 22 नवंबर 2021 को सत्र न्यायालय के फैसले को सही माना और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की अपील को खारिज कर दिया।
दस साल पहले सोरांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत रोडवेज बस की चपेट में आने से टैम्पो में बैठे छह मुसाफिरों की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने परिवहन निगम की विशेष याचिका को खारिज करते हुए दुर्घटना में मृत गायत्री देवी के पति को 50 लाख रुपये का दावा भुगतान करने के हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है।
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दुर्घटना में मरने वालों की सूची में कर्नलगंज की गायत्री देवी भी शामिल थीं। गायत्री देवी प्राथमिक विद्यालय कस्तूरी में सहायक अध्यापक थीं। पति रविंद्र प्रताप ने जिला न्यायालय में दावा भुगतान के लिए याचिका दाखिल की थी। सत्र न्यायालय ने 50 लाख रुपये के भुगतान का आदेश किया था।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने सत्र न्यायालय केफैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने 22 नवंबर 2021 को सत्र न्यायालय के फैसले को सही माना और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की अपील को खारिज कर दिया। अधिवक्ता राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि परिवहन निगम ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट केफैसले को रद्द करने की मांग की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया।