मेरठ से प्रयागराज के बीच बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे पर जल्द ही लोग वाहन से फर्राटा भर सकेंगे। प्रयागराज से प्रतापगढ़ की मुख्य सड़क बनने के बाद सर्विस रोड बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। मार्च में ट्रायल कराया जाएगा।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) को मेरठ से प्रयागराज जोड़ने वाले छह लेन वाले ग्रीनफील्ड के 594 किमी गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण की जिम्मेेदारी मिली है। एक्सप्रेसवे बनने से 12 घंटे की यात्रा महज छह से सात घंटे में लोग पूरा कर लेंगे। गंगा एक्सप्रेसवे सूबे के 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली के रास्ते प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज पहुंचेगा।
जिले का कुंडा क्षेत्र की 35 किमी की परिधि गंगा एक्सप्रेसवे में शामिल की गई। प्राधिकरण ने प्रयागराज और प्रतापगढ़ मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य करीब-करीब पूरा कर लिया है। सर्विस रोड के निर्माण का कार्य पूरा किया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे पर सर्विस रोड के साथ स्ट्रीट लाइट, डिस्प्ले बोर्ड, कैमरे आदि की सुविधा प्रदान की जाएगी।
हल्के वाहन पर कम टोल टैक्स
कार, जीप, वैन सहित हल्के वाहनों पर करीब 2.55 रुपये प्रति किमी की दर से टोल टैक्स लिया जाएगा। भारी वाहनों बस, ट्रक आदि पर टोल टैक्स की दरें अधिक होंगी। गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ेगा।
एक्सप्रेसवे किसानों को भी होगा लाभ
गंगा एक्सप्रेसवे बनने से किसानों की जमीन का दाम चार गुना होने की उम्मीद जताई जा रही है। कुंडा क्षेत्र के नरई, नेवढि़या, गुजवर, पुरमई सुल्तानपुर, गिष्ठा, लखपेड़ा कोटा भवानी, झिंगुर, महेवा मलकिया, रायगढ़, महाराजपुर, रामपुर संग्रामगढ़ ब्लॉक के रास्ते बाबागंज बिहार होते हुए लोग एक्सप्रेसवे के रास्ते प्रयागराज तक पहुंचेंगे।
बोले अफसर
प्रयागराज और प्रतापगढ़ में एक्सप्रेसवे की मुख्य सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। सर्विस रोड का काम चल रहा है। मार्च माह में ट्रायल कराया जाएगा।
यशपाल सिंह, जेई, यूपीईआईडीए