हरी सब्जी की बढ़ती कीमतें खाने का स्वाद बिगाड़ने लगी है। तीन-चार दिनों में सब्जी के दाम अचानक बढ़ने लगे। थोक बाजार से साथ खुदारा बाजार में कीमतों में तेजी से कारण ग्राहक कम मात्रा में सब्जी खरीद रहे हैं। दामों में तेजी का कारण बारिश में देरी को माना जा रहा है। इसके साथ आगे बारिश की संभावना के चलते भी किसानों से सब्जी की खेती कम कर दी है। इसकी वजह से जून के अंत और जुलाई में कीमतें और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
हरी सब्जी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आ गया है। मुंडेरा हरी सब्जी फल व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश चंद्र कुशवाहा का कहना है कि कुछ दिनों में भाव में काफी तेजी आ गई है। जून के पहले सप्ताह में कुछ बारिश हो गई होती तो यह स्थिति न आती। बताया कि बारिश न होने और तेज धूप के कारण सब्जी की काफी फसल खराब हो गई है। इसकी वजह से थोक बाजार में तकरीबन हर सब्जी के भाव में प्रति क्विंटल 30 से 50 रुपये तक की तेजी है। बारिश शुरू होने पर हरी सब्जी की पैदावार तकरीबन बंद हो जाती है। उस दौरान कीमतें और बढ़ेंगी।
बताया कि पिछले तीन दिनों में थोक बाजार में टमाटर 25-30 रुपये प्रतिकिलो, कद्दू 7-8 रुपये, बैगन 14-15 रुपये, परवल रुपये 22-23 रुपये, भिंडी 18-20 रुपये, बोडा 20-20 रुपये, नेेनुआ 10-12, अरुई 20-25 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। इसका असर खुदारा बाजार में दिख रहा है। नतीजा है कि 20-25 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला टमाटर अब 40-50 रुपये के भाव बिक रहा है, जबकि चार दिन पहले तक सभी सब्जियों के भाव वर्तमान से आठ से दस रुपये प्रति किलोग्राम तक कम थे।
आलू 25 रुपये
टमाटर 40-50 रुपये
कद्दू 20 रुपये
बैगन/भिंडी 30 रुपये
परवल/बोडा 40 रुपये
अरुई 30-40 रुपये
नेनुआ 20-25 रुपये
लौकी 15-20 रुपये पीस