थाने और पुलिस लाइन की जीडी में बीमारी का तस्करा डालकर पुलिसवालों के छुट्टी पर जाने की प्रवृत्ति पर अब सख्ती की जाएगी। डीजीपी ने इस पर नाराजगी जताते हुए प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर आदेश दिया है कि बिना लिखित या मौखिक अनुमति हासिल किए बीमारी के नाम पर तस्करा डालकर छुट्टी पर जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
आईजी जोन आरके चतुर्वेदी ने बताया कि पुलिस लाइन में आरआई (प्रतिसार निरीक्षक) तथा थानों में प्रभारी द्वारा सिपाहियों या दरोगाओं को जीडी (जनरल डायरी) में बीमारी का तस्करा डालकर अवकाश पर रवाना कर दिया जाता है। यह पुलिस रेगुलेशन के विरुद्ध है। डीजीपी जावीद अहमद ने 13 जून को इस बाबत सभी आईजी, डीआईजी तथा पुलिस कप्तानों को पत्र लिखकर कहा गया कि यूपी पुलिस रेगुलेशन के अनुसार जीडी में किसी अधिकारी या सिपाही अनुपस्थिति का कारण और आकस्मिक अवकाश की मंजूरी अंकित किए जाने का प्रावधान है, मगर उसकी गलत व्याख्या कर अवकाश दिया जा रहा है, जो अनुचित है।
अधिकृत अफसर से स्वीकृति लिए बिना आरआई, थानेदार या किसी सिपाही-दरोगा का जीडी में तस्करा डालकर छुट्टी पर जाना अनुशासनहीनता है। डीजीपी ने आदेश दिया है कि इस पर फौरन रोक लगनी है। किसी पुलिसकर्मी को इलाज के लिए छुट्टी चाहिए तो स्वीकृति के लिए अधिकृत अफसर से लिखित या इमरजेंसी की हालत में फोन पर मौखिक अनुमति लेनी होगी। अगर जीडी में तस्करा डालकर कोई अवकाश पर जाता है तो यह आदेश की अवहेलना होगी और जीडी की प्रवृष्टि को शून्य मानकर कार्रवाई की जाएगी। सभी क्षेत्राधिकारियों (सीओ) का यह दायित्व होगा कि वे इन निर्देशों का कड़ाई से पालन कराएं साथ ही सुनिश्चित करें कि जीडी सीओ कार्यालय में 24 घंटे में पहुंच जाए।