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वसंत पंचमी : संगम में लाखों श्रद्धालुओं की लगाई पुण्य की डुबकी, बारिश और ठंड पर हावी रही आस्था

Wed, 14 Feb 2024 11:19 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

वसंत पंचमी पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। भोर से ही यहां पर पहुंचने का दौर शुरू हो गया था। बूंदाबांदी और ठंड पर आस्था हावी रही। हर हर महादेव और जय मां गंगे के उद्घोष से मेला क्षेत्र गुंजायमान रहा। करीब 43 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।
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वसंत पंचमी पर संगम तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सर्द हवाओं के बीच बुधवार को आस्था की लहरों में संगम पर वसंत खिलखिला उठा। मेले के चौथे स्नान पर्व पर भक्ति का प्रवाह ही कुछ ऐसा था। मेला प्रशासन ने शाम तक 42.90 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने का दावा किया।

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गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी को मथने के लिए सर्द हवाओं के बीच भोर में ही संगम पर भीड़ लग गई। संगम समेत गंगा के आठ घाटों पर डुबकी लगने लगी। संगम तट पर ज्ञान के रूप में अदृश्य सरस्वती की अनुभूति पाकर हर कोई धन्य होता रहा।

भीड़ को देखते हुए शाम को ही वाहनों का प्रवेश संगम क्षेत्र में रोक दिया गया। लाल मार्ग, काली मार्ग और त्रिवेणी मार्ग पर पौ फटने तक कहीं तिल रखने भर की जगह नहीं बची। अपनी मां को स्नान कराकर पुरानी मनौती पूरी करके धन्य हुए अनूप शहर के हरिश्चंद्र पटेल संगम की मिट्टी और जल भी साथ ले गए।

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वसंत पंचमी पर संगम तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
रायबरेली से पांच साल की बेटी रिमझिम यादव को कंधे पर बिठाकर रंजीत यादव भी संगम स्नान करने पहुंचे। उन्होंने सपरिवार गंगा स्नान के बाद आरपार की माला भी चढ़ाई। गोंडा से दीनानाथ तिवारी भी पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू के साथ आए थे। उनका कहना था कि मां गंगा की कृपा से सात वर्ष बाद घर में पौत्र का जन्म हुआ। मनौती पूरी होने पर गाजे-बाजे के साथ उन्होंने पियरी भी चढ़ाई।
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वसंत पंचमी पर संगम तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
संगम के अलावा रामघाट, काली घाट पर कहीं मुंडन तो कहीं मनौती पूरी होने पर आरती होती रही। स्नान-ध्यान के साथ रेती पर मां सरस्वती की आराधना के साथ दीपदान भी होता रहा। संतों और कल्पवासियों के शिविरों में भी कहीं अखंड कीर्तन, रामायण पाठ तो कहीं संगीतमय कथाओं से वातावरण भक्ति के रंग में रंगा रहा। त्रिवेणी, काली और अक्षयवट मार्गों पर संतों की टोलियां झांझ-मजीरे के साथ झूमती रहीं तो शिविरों से समूहों में निकलीं महिलाएं मां गंगा के गीत गाती दिखाई दीं।

स्नान के बाद पुरोहितों से तिलक-त्रिपुंड लगवाने के भी कतारें लगी रहीं। उसी भीड़ में लोग बिछड़ते और मिलते भी रहे। संगम के अलावा काली मार्ग के पूर्वी तट के अलावा राम घाट पर भी स्नानार्थियों का रेला दिन भर उमड़ता रहा।

42.90 लाख श्रद्धालुओं के स्नान का मेला प्रशासन का दावा
5000 सुरक्षाकर्मियों के हवाले रही मेला क्षेत्र की निगरानी
155 सीसीटीवी कैमरों से रखी गई मेला क्षेत्र पर नजर
08 स्नान घाटों पर वसंत पंचमी पर लगी पुण्य की डुबकी
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