देश में निर्मित पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत के कोच 45 दिन की छुट्टी पर भेजे जा रहे हैं। इसके कोच के मेंटीनेंस का कार्य रेलवे द्वारा किया जाएगा। इस वजह से वंदे भारत एक्सप्रेस 16 फरवरी से डेढ़ माह के लिए बंद रहेगी। इसके स्थान पर रेलवे तेजस एक्सप्रेस को संबंधित रूट पर चलाएगा। इस बीच रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 फरवरी से रिजर्वेशन पर भी रोक लगा दी है।
वर्ष 2019 में लगे कुंभ मेले के दौरान ही फरवरी माह में वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू हुआ। तकरीबन दो वर्ष के दौरान यह पहला मौका है कि जब वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच मेंटीनेंस के लिए भेजे जा रहे हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस को ट्रेन-18 भी कहा जाता है। वर्तमान समय यह देश की एकमात्र ऐसी ट्रेन है जिसकी औसत गति सौ किलोमीटर प्रतिघंटा से ज्यादा की है। चर्चा है कि मेंटीनेंस के साथ ही वंदे भारत एक्सप्रेस का ट्रायल वाराणसी हाईस्पीड ट्रैक पर किया जाएगा। इस दौरान दिल्ली-कानपुर-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को तेजस बनाकर चलाया जाएगा।
16 फरवरी से सप्ताह में पांच दिन इस ट्रेन की शुरूआत हो जाएगी। यह पहला मौका होगा जब प्रयागराज और वाराणसी में तेजस के कोच पहुंचेंगे। बताया जा रहा है कि इस अवधि में ट्रेन की बुकिंग सिर्फ आईआरसीटीसी की वेबसाइट से होगी। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि अभी 45 दिनों के लिए वंदे भारत के स्थान पर तेजस के कोच का इस्तेमाल होगा।
- वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 फरवरी से फिलहाल बुकिंग बंद कर दी गई है। इसमें अब तेजस के कोच लगाए जाने की चर्चा है। उत्तर रेलवे द्वारा नोटिफिकेशन जारी करने के बाद ही नौ या दस फरवरी से इसमें एक बार फिर से बुकिंग शुरू हो जाएगी। -अंशु पांडेय, सीनियर डीसीएम, प्रयागराज मंडल।