उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संघ के जिला मीडिया प्रभारी संतोष शुक्ला का कहना है कि 69000 शिक्षक भर्ती में मात्र दो हजार शिक्षामित्र ही शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल हुए हैं। उनका कहना है कि टीईटी परीक्षा में अधिकांश शिक्षामित्र फेल होकर बाहर हो गए, जो बचे थे वह अब नए मानक के चलते बाहर हो गए हैं।
68500 शिक्षक भर्ती में सात हजार शिक्षामित्रों की नियुक्ति हो गई थी, परंतु दूसरी शिक्षक भर्ती में कटऑफ बदल जाने से शिक्षामित्र चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। शिक्षामित्रों का कहना है कि उन्होंने सहायक अध्यापक भर्ती में उन्हें कम से कम 2.5 अंक प्रति वर्ष वेटेज देने की मांग की थी, कोर्ट ने उसे स्वीकार नहीं किया। इससे शिक्षामित्रों को झटका लगा। वेटेज नहीं मिलने से शिक्षामित्र दोनों सहायक अध्यापक भर्ती से बाहर हो गए। शिक्षामित्र आरोप लगाते हैं कि जुलाई 2017 में आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया था कि उन्हें आगे आने वाली दो भर्तियों में मौका दिया जाए, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। पहली शिक्षक भर्ती में मात्र सात हजार और अब दूसरी में मात्र दो हजार शिक्षामित्र इस भर्ती में सफल हो सकते हैं।