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एसटीएफ-विजिलेंस की निगरानी में होगी यूपीटीईटी

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UPTET will be monitored by STF-Vigilance
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एसटीएफ-विजिलेंस की निगरानी में होगी यूपीटीईटी
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0 सेंट एंथोनी गर्ल्स इंटर कॉलेज में हुई बैठक में केंद्र व्यवस्थापकों को दिए गए जरूरी निर्देश
0 यूपीटीईटी के एक लाख से अधिक परीक्षार्थियों के लिए जनपद में 139 परीक्षा केंद्र
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) नकल विहीन कराने के लिए शासन की ओर से एसटीएफ एवं विजिलेंस को लगाया गया है। आठ जनवरी 2020 को होने वाली यूपीटीईटी के लिए पहली पाली में 139 एवं दूसरी पाली में 76 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। टीईटी प्राथमिक स्तर के 66786 अभ्यर्थी 139 केंद्रों पर एवं उच्च प्राथमिक स्तर के 37134 अभ्यर्थी 76 केंद्रों पर परीक्षा में शामिल होंगे। पहली पाली में 10 से 12.30 बजे के बीच प्राथमिक यूपीटीईटी एवं दूसरी पाली दोपहर बाद 2.30 बजे से पांच बजे के बीच होगी। बैठक में स्पष्ट किया गया कि परीक्षा में 22 दिसंबर को जारी प्रवेश पत्र ही मान्य होगा।
सोमवार को एडीएम सिटी अशोक कुमार कनौजिया की अध्यक्षता में सेंट एंथोनी गर्ल्स इंटर कॉलेज में हुई बैठक में केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। उन्होंने कहा कि नकल विहीन परीक्षा कराना प्रशासन एवं स्कूल प्रबंधन दोनों की प्राथमिकता है, परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिए एसटीएफ एवं विजिलेंस को लगाया गया है। उन्होेंने सख्त निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में कक्ष के अंदर किसी को भी मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आदि रखने की अनुमति नहीं होगी। गलत प्रश्नपत्र खुलने की दशा में पूरी जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक की होगी। केंद्र व्यवस्थापकों को बताया कि परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र के बंडल दो घंटे पहले पहुंच जाएंगे, उसमें कोई कमी हो तो तत्काल स्टैटिक मजिस्ट्रेट केमाध्यम से सेक्टर मजिस्ट्रेट को उपलब्ध कराएं।
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जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया कि परीक्षा वाले दिन हर हाल में सात बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचना सुनिश्चित करें। प्रश्नपत्र में गड़बड़ी है तो उसकी सूचना सही समय पर मिलनी चाहिए। केंद्र पर एक कक्ष निरीक्षक उसी विद्यालय का एवं एक बाह्य कक्ष निरीक्षक होगा। परीक्षा के लिए कुल 139 स्टैटिक मजिस्ट्रेट और 139 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। परीक्षा के लिए 47 सेक्टर बनाए गए हैं। बैठक के दौरान डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापकों एवं पर्यवेक्षकों की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि परीक्षा में किसी प्रकार की अनियमितता की जिम्मेदारी पर्यवेक्षक, केंद्र व्यवस्थापक एवं कक्ष निरीक्षक की होगी। केंद्र व्यवस्थापकों से एक दिन पूर्व विद्यालयों में पानी, बिजली, सुरक्षा एवं जन सुविधाओं की व्यवस्था कर लेने को कहा गया है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी ने किया।
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