सोशल मीडिया में कोई एकाउंट नहीं
अनिरुद्ध पांडेय का फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोई एकाउंट नहीं है। वह सिर्फ टेलीग्राम में है और इसका उपयोग भी परीक्षा की तैयारी के लिए करते हैं। अनिरुद्ध का कहना है कि टेलीग्राम में तैयारी के लिए काफी उपयोगी सामग्री मिल जाती है, इसलिए वह इससे जुड़े हुए हैं। अनिरुद्ध रोज आठ से दस घंटे पढ़ाई में देते हैं और खाली वक्त में मनोरंजन के लिए यूट्यूब में स्टैंडअप कॉमेडी देखना पसंद करते हैं। फुटबाल उनका पसंदीदा खेल है।
नहीं की कोचिंग, सेल्फ स्टडी से मिली सफलता
आईएएस की परीक्षा में अंग्रेजी माध्यम से शामिल हुए अनिरुद्ध ने सेल्फ स्टडी से सफलता हासिल की। वह घर में रहकर तैयारी करते और कोचिंग से टेस्ट सिरीज लेकर पढ़ते। अनिरुद्ध का कहना है कि अगर सही दिशा में तैयारी की जा रही है तो दिल्ली जाने की जरूरत नहीं। तैयारी के लिए प्रयागराज में ही गुणवत्तापरक अध्ययन सामग्री उपलब्ध हैं।
प्रयागराज की प्रतीक्षा को 52वीं रैंक
सिविल सेवा परीक्षा में प्रयागराज की प्रतीक्षा सिंह को 52वीं रैंक हासिल हुई है। वह वर्तमान में शामली में एसडीएम है। पीसीएस-2020 में उन्हें सातंवी रैंक हासिल हुई थी। हालांकि, प्रतीक्षा प्रयागराज में कक्षा तीन तक ही पढ़ीं। मूलरूप से धनइचा, मलखानपुर हनुमानगंज के रहने वाले प्रतीक्षा के पिता दिल्ली के एक इंटर कॉलेज में प्रवक्ता और मां नीलम सिंह गृहणी हैं। वे लंबे समय से गाजियाद में रह रहे हैं।
37 लाख का पैकेज छोड़कर की तैयारी, मिली सफलता
कलेक्ट्रेट के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और वर्तमान में जिला कचहरी में वकालत कर रहे लाल जी बिंद के बेटे अभिषेक बिंद ने संघ लोकसेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा-2022 में 673 वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की। अभिषेक बिंद आईआईटी बीएचयू से गणित विषय में एमटेक हैं। पूर्व में अभिषेक माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में 38 लाख के पैकेज में काम कर रहे थे। जहां 15 महीने बाद जॉब छोड़कर सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए। उन्होंने दिल्ली में ही रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता लाल जी बिंद और मां रमा बिंद के साथ गुरु को दिया है।
जीएस वर्ल्ड के 15 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन
दिल्ली, प्रयागराज और लखनऊ स्थित जीएस वर्ल्ड कोचिंग संस्थान से 15 से अधिक अभ्यर्थियों का सिविल सेवा परीक्षा-2022 में चयनित होने का दावा किया गया है। इनमें से पांच अभ्यर्थी सीधे फाउंडेशन कक्षा से ही चयनित हुए हैं, जिनमें अनिरुद्ध पांडेय, अविनाश कुमार, हेमेंद्र, मनीषा और मुईन अहमद शामिल हैं। संस्थान के निदेशक नीरज सिंह ने बताया कि उनके संस्थान ने अपनी स्थापना के बाद (2013) से लगातार हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम में बेहतर रैंक दिए हैं। ये बेहतर परिणाम संस्थान के इंटीग्रेटेड लार्निंग एप्रोच के कारण संभव हुए हैं, जिसके तहत पढ़ाई के साथ-साथ उत्तर लेखन पर भी लगातार ध्यान दिया जाता रहा है। संस्थान ऑनलाइन और ऑफलाइन का हाइब्रिड बैच संचालित करता है जिसमे ध्यान दिया जाता है कि जो विद्यार्थी घर से ही पढ़ना चाहते हैं वे भी दिल्ली की गुणवत्ता से दूर न रहें।
अशोक नगर की सोनाली को 140वीं रैंक
उत्तर मध्य रेलवे में असिस्टेंट ट्रैफिक मैनेजर के पद पर तैनात अशोक नगर, प्रयागराज की सोलानी मिश्रा ने सिविल सेवा परीक्षा-2022 में 140वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की है। इससे पूर्व 2019 में आईआरटीएस के पद पर उनका चयन हुआ था। सोनाली में इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई सेंट मेरी कॉन्वेंट प्रयागराज से की और इसके बाद गोरखपुर से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनके पिता शरद चंद्र मिश्र प्रयागराज दूरदर्शन और अकाशवाणी में निदेशक रहे और मां पूनम मिश्रा यूपी भवन में तैनात हैं।
ध्येय आईएएस के 70 से अधिक अभ्यर्थी सफल
प्रयागराज। सिविल सेवा परीक्षा 2022 में ध्येय आईएएस संस्थान के 70 से भी अधिक अभ्यर्थियों के सफल होने का दावा किया गया है। इनमें अर्णव मिश्रा (रैंक 56), गगन सिंह मीणा (रैंक 120), आमिर खान (रैंक 154), जुल्फीशान हक (रैंक 193), रजत सिंह (रैंक 379), पंकज वर्मा (रैंक 515), रोहित कर्दम (रैंक 517), आदर्श पटेल (रैंक 520), विपिन दूबे (रैंक 708), आयुष अग्रवाल (रैंक 822 ) आदि शामिल हैं। इन छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय संस्थान के कुशल मार्गदर्शन, ध्येय आईएएस के निदेशक विनय और क्यूएच खान को दिया है।