इसी हड़बड़ी में गुंजा डीजे के लिए लगाए गए जनरेटर की चपेट में आ गई। उसके खुले लंबे बाल जनरेटर के पंखे में फंसकर चमड़ी समेत उखड़ गए। खून से लथपथ गुुंजा वहीं पर बेहोश होकर गिर पड़ी। पूरा घटनाक्रम सिर्फ चार-पांच सेकेंड में हो गया। उसके सिर की उधड़ी चमड़ी और बाल अलग-थलग दिख रहे थे। ऐसा दृश्य देखकर लोगों में खलबली मच गई, बच्चे चीखने-चिल्लाने लगे।
आनन-फानन में किशोरी को हनुमानगंज के बीकापुर गांव स्थित गामा चिकित्सा संस्थान में भर्ती कराया गया। यहां के डॉ. अंजलि और डॉ. रत्नाकर ने तकरीबन तीन घंटे तक ऑपरेशन करके गुंजा के सिर की चमड़ी दोबारा सिल दी है। इसमें 700 से अधिक टांके लगाने पड़े। देर शाम तक किशोरी होश में नहीं आ सकी थी।
अस्पताल के डॉ. एसएन यादव ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान किशोरी के सिर में 700 से अधिक टांके लगाए गए हैं। वह अभी आईसीयू में भर्ती है। मंगलवार को उसका सीटी स्कैन कराया जाएगा। संक्रमण की आशंका को देखते हुए कम से कम एक सप्ताह तक अस्पताल में ही रखा जाएगा।
बाल आएंगे कि नहीं, छह महीने में पता लगेगा
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गुंजा के लंबे-घने बाल फिर लौट आएंगे? आएंगे तो कब तक? इस संबंध में वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. शशांक रस्तोगी का कहना है कि अभी बालों की वापसी पर कुछ भी कहना कठिन है। इसके लिए छह महीने का इंतजार करना होगा। इसके बाद ही साफ हो सकेगा कि कितने बाल आते हैं, कितने नहीं। वैसे, प्लास्टिक सर्जरी के जरिये भी बालों को लाया जा सकता है। डॉ. रस्तोगी कहते हैं कि ताजा चुनौती उसे होश में लाकर सिर को संक्रमण से बचाने की है। इसमें तीन से चार हफ्ते का समय खासा महत्वपूर्ण है।