केपीयूसी हॉस्टल में शुद्ध पेयजल के लिए हंगामा
डीएसडब्ल्यू दफ्तर पर छात्रों ने किया धरना-प्रदर्शन
इविवि प्रशासन ने आरओ लगवाने का दिया आश्वासन
प्रयागराज। केपीयूसी हॉस्टल में शुद्ध पेयजल न मिलने से नाराज छात्रों ने बुधवार को हंगामा कर दिया। काफी देर तक डीएसडब्ल्यू कार्यालय में धरना-प्रदर्शन हुआ। मामला बढ़ने पर इविवि प्रशासन के अफसरों ने हॉस्टल का निरीक्षण किया और छात्रों के साथ बैठक करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि जल्द ही हॉस्टल में शुद्ध पेयजल के लिए आरओ लगवा दिया जाएगा।
छात्रों की शिकायत केवल पानी को लेकर ही नहीं थी। उनका कहना था कि हॉस्टल की मेस सुचारु रूप से नहीं चलती है और हॉस्टल में गुणवत्तापूर्ण भोजन भी नहीं मिलता है। छात्रों ने कहा कि पिछले साल के इस वर्ष हॉस्टल की फीस दोगुनी कर दी गई है और सुविधाओं में कटौती की जा रही है। हॉस्टल के छात्रों को मजबूरी में बाहर रेस्टोरेंट में भोजन करना पड़ रहा है। धरना स्थल पर पहुंचे चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे छात्रों को लेकर हॉस्टल पहुंचे।
वहां हॉस्टल के वार्डन आरके सिंह, अधीक्षक हौसिला सिंह एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इसमें छात्रों को भी शामिल किया गया और उनकी बात सुनी गई। इविवि प्रशासन की ओर से छात्रों को आश्वस्त किया गया कि दस दिनों के भीतर हॉस्टल में शुद्ध पेयजल के लिए आरओ प्लांट लगवा दिया जाएगा। मेस का संचालन भी सुचारु रूप से होगा और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा। संयुक्त संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि 10 दिनों में समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन होगा। इस दौरान विक्रम, प्रशांत, अभिषेक दुबे, शाश्वत सिंह, अतेंद्र प्रताप, अभिषेक सिंह आदि मौजूद रहे।
जेएनयू में बढ़ी फीस की वापसी का स्वागत
प्रयागराज। जेएनयू, नई दिल्ली में हॉस्टलों की बढ़ी फीसदी वापस लिए जाने का संयुक्त संघर्ष समिति ने स्वागत किया है। समिति के प्रवक्ता अखिलेश यादव ने कहा कि यह छात्र संघर्ष की जीत है। छात्रों के संयम और उनके साहस ने आतताई प्रशासन को झुकने के लिए मजबूर कर दिया। वहीं, फीस वापसी के निर्णय से पहले छात्र युवा संगठन एवं नागरिक समाज के लोगों ने बालसन चौराहे पर प्रदर्शन किया और जेएनयू छात्रों के समर्थन में मानव श्रृंखला बनाई। इस मौके पर सुनील मौर्य, विकल्प, शक्ति रजवार, विकास स्वरूप, रितेश विद्यार्थी, अमित, निरंजन देव, सुभाष कुशवाहा, अभिषेक, शशांक, गोविंद, प्रदीप राव आदि मौजूद रहे।