सभी भर्तियों में स्क्रीनिंग परीक्षा के दौरान माइनस मार्किंग
अब आसान नहीं रहा इंटरव्यू तक सीधे पहुंचने का रास्ता
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) सीधी भर्तियों में स्क्रीनिंग परीक्षा अनिवार्य कर चुका है। नए विज्ञापनों के तहत होनी वाली सीधी भर्ती में स्क्रीनिंग परीक्षा कराई जाएगी। इसके साथ ही आयोग ने स्क्रीनिंग परीक्षा में भी माइनस मार्किंग अनिवार्य की है। ऐसे में अभ्यर्थियों को सीधी भर्ती में भी माइनस मार्किंग से जूझना होगा।
अमूमन ज्यादातर सीधी भर्ती परीक्षाओं में केवल इंटरव्यू के आधार पर भर्तियां कर ली जाती थीं। इसमें तमाम गड़बड़ियों के आरोप लगते थे। इंटरव्यू में किस अभ्यर्थी ने कैसा प्रदर्शन किया गया, इसका कोई रिकार्ड नहीं होता था। अभ्यर्थियों को भी केवल उनके शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर इंटरव्यू के लिए बुला लिया जाता था। ऐसे में योग्य होने के बावजूद कई अभ्यर्थियों के स्नातक, परास्नातक में अंक कम होने के कारण वे इंटरव्यू से वंचित रह जाते थे। स्क्रीनिंग परीक्षा केवल उन्हीं सीधी भर्तियों में होती थी, जहां पदों और आवेदनों की संख्या काफी अधिक होती थी।
इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए आयोग ने सभी सीधी भर्तियों में स्क्रीनिंग परीक्षा कराने का निर्णय लिया। इसके साथ ही आयोग पूर्व में एक अन्य निर्णय भी ले चुका है, जिसके तहत सभी स्क्रीनिंग परीक्षाओं में माइनस मार्किंग भी लागू की गई है। ऐसे में सीधी भर्ती भी अभ्यर्थियों के लिए अब आसान नहीं रह जाएगी। अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में शामिल होने से पहले लिखित स्क्रीनिंग परीक्षा देनी होगी और उसमें माइनस मार्किंग का सामना भी करना होगा। इसमें बेहतर प्रदर्शन के आधार पर ही अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में शामिल होने का मौका मिलेगा।