प्रयागराज। स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में बसवार प्लांट की बंदी से ‘रैकिंग की लुटिया’डूबना लगभग तय है। साथ ही शहर में ठप पड़ा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम भी परेशानी का कारण बनेगा। नगर निगम अफसरों के सामने इन दोनों को कार्यों को शुरू कराने की बड़ी चुनौती है।
शहरी विकास मंत्रालय की ओर से कराए जाने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए जिन पांच बिंदुओं पर सर्वाधिक अंक मिलते हैं, उनमें तीन सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, पब्लिक फीडबैग और एप डाउनलोडिंग हैं। एक सफाई को छोड़कर अन्य कार्यों में शहर पिछले तीन साल से फिसड्डी साबित हो रहा है।
कुंभ आयोजन के पहले से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का काम सिर्फ कागज पर हो रहा है। यहां स्थापित करोड़ों की मशीनें कंडम हो चुकी है। प्लांट में काम कराने को अधिकृत कंपनी हरी भरी सिर्फ नगर निगम के संसाधनों का उपयोग कर रही है, काम बिल्कुल ठप है। नोटिस के बाद डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम भी बंद है।
शहर की सफाई के नाम पर सुबह झाड़ू लग रही है, कूड़ा उठता तो है, लेकिन निस्तारित नहीं होता। पब्लिक फीडबैग ठीक नहीं है। और न ही एप डाउनलोडिंग में शहरी रुचि दिखा रहे हैं। ऐसे हालात में स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम को निरीक्षण में खामियां साफ दिखेंगी। अफसर नहीं चेते और हरी भरी पर कार्रवाई के साथ बसवार प्लांट का संचालन अपने हाथ नहीं लेते तो सर्वेक्षण तालिका में अपना शहर एक बार फिर पिछड़ जाएगा।