फाइलें वापस आने पर आयोग ने इस मसले पर विषय विशेषज्ञोें से सलाह ली और इसी आधार पर 90 चयनित अभ्यर्थियों की फाइलें नियुक्ति की संस्तुति के साथ निदेशालय को दोबारा भेज दीं। एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन निदेशालय ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया। प्रतियोगी छात्र मोर्चा के अध्यक्ष अध्यक्ष विक्की खान का कहना है कि एनसीटीई और विषय विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर आयोग ने जब दोबारा फाइलें भेज दी हैं तो निदेशालय को भी अब अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे देनी चाहिए। उन्होंने निदेशालय से मांग की है कि अभ्यर्थियों को शीघ्र विद्यालय आवंटित किए जाएं और नियुक्ति प्रदान की जाए।
इस बार अर्हता स्पष्ट होने के बाद जारी होगा विज्ञापन
भर्ती परीक्षाओं में अर्हता के विवाद अक्सर सामने आते हैं और इसी वजह से भर्तियां भी फंस जाती हैं। अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में हर भर्ती से संबंधित शैक्षिक अर्हता पूरी तरह से स्पष्ट करने के लिए विभागों को पत्र लिखा है। आयोग को एलटी ग्रेड शिक्षक के तकरीबन पांच हजार पदों का अधियाचन मिल चुका है। आयोग ने तय किया है कि संबंधित विभाग से एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए प्रत्येक विषय से संबंधित शैक्षिक अर्हता को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद ही नया विज्ञापन जारी किया जाएगा।