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UPPSC: समकक्षता निर्धारण के फेर में फंसीं आरआई समेत 6900 पदों पर भर्तियां, कैलेंडर में कई परीक्षाएं शामिल नहीं

Mon, 01 May 2023 08:25 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में आयोग ने उन सभी पदों के लिए समकक्ष अर्हता निर्धारित करने के लिए संबंधित विभागों एवं शासन को पत्र भेजा, जिन पदों को लेकर अक्सर अर्हता का विवाद होता है।
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Prayagraj News : यूपीपीएससी। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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समकक्षता निर्धारण के फेर में 6900 पदों पर भर्तियां फंसी हुईं हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) शासन स्तर से समकक्ष अर्हता पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहा है। जब तक समकक्षता निर्धारण की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक आयोग नई भर्ती का विज्ञापन भी जारी नहीं करेगा। समकक्षता निर्धारण को लेकर जो भर्तियां फंसी हुईं हैं, उनमें आरआई परीक्षा भी शामिल है।

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परीक्षा को दो साल बीत चुके हैं लेकिन समकक्षता निर्धारण न होने से कुछ पदों का परिणाम अटका हुआ है। इस पर निर्णय के लिए आयोग और शासन के स्तर से कमेटी बनाई जानी थी। आयोग ने तो कमेटी बना दी, लेकिन शासन स्तर पर कमेटी गठित नहीं हुई। आयोग चाहता है कि जो विभाग पदों का अधियाचन भेजें, वे पद के लिए निर्धारित समकक्ष अर्हता भी स्पष्ट करें। अमूमन विभाग किसी पद की अर्हता के रूप में यही अंकित करते हैं कि अभ्यर्थी स्नातक हो या उसके पास समकक्ष अर्हता हो या फिर लिख दिया जाता है कि अभ्यर्थी परास्नातक हो अथवा उसके पास समकक्ष अर्हता हो। विभाग यह स्पष्ट नहीं करते कि किस प्रकार की डिग्री या डिप्लोमा को समकक्ष अर्हता की श्रेणी में रखा जाए।

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ज्यादातर भर्तियों में इसी वजह से विवाद होता है। आयोग जब परिणाम जारी करता है तो उसे अपने स्तर से समकक्ष अर्हता निर्धारित करनी पड़ती है। ऐसे में जो अभ्यर्थी अर्हता के विवाद के कारण छंट जाते हैं वे कोर्ट की शरण में चले जाते हैं। इसी वजह से भर्तियां अटक जाती हैं और अभ्यर्थियों को परिणाम के लिए वर्षों इंतजार करना पड़ता है। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि हर भर्ती में समकक्ष अर्हता का निर्धारण पहले से अनिवार्य किया जाए।

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हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में आयोग ने उन सभी पदों के लिए समकक्ष अर्हता निर्धारित करने के लिए संबंधित विभागों एवं शासन को पत्र भेजा, जिन पदों को लेकर अक्सर अर्हता का विवाद होता है। इनमें एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती, प्रवक्ता भर्ती, समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ) भर्ती, कृषि सेवा, अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती शामिल है। आयोग के पास इन सभी भर्तियों के लिए रिक्त पदों के अधियाचन आ चुके हैं, लेकिन समकक्ष अर्हता स्पष्ट न होने से भर्ती शुरू नहीं हो पा रही है।

अर्हता स्पष्ट न होने के कारण आयोग ने वर्ष 2023 के कैलेंडर में कई महत्वपूर्ण भर्तियों को शामिल नहीं किया। आयोग के सूत्रों का कहना है कि इस बारे में शासन एवं संबंधित विभागों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है, ताकि समकक्ष अर्हता का निर्धारण शीघ्र किया जा सके। यह प्रक्रिया पूरी होते ही संबंधित भर्ती परीक्षाओं का विज्ञापन तुरंत जारी कर दिया जाएगा।

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