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UPPSC : राजकीय विद्यालयों में प्रवक्ता के पदों पर भी भर्ती की तैयारी शुरू, आयोग को मिला 1500 पदों का अधियाचन

Thu, 17 Jul 2025 11:24 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने राजकीय विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षक (सहायक अध्यापक) के 7466 पदों पर भर्ती के लिए 28 जुलाई से आवेदन की घोषणा करने के साथ ही प्रवक्ता भर्ती की तैयारी भी शुरू कर दी है।
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यूपीपीएससी। UPPSC - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने राजकीय विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षक (सहायक अध्यापक) के 7466 पदों पर भर्ती के लिए 28 जुलाई से आवेदन की घोषणा करने के साथ ही प्रवक्ता भर्ती की तैयारी भी शुरू कर दी है। दो विषयों के अधियाचन में विसंगतियां दूर होते ही आयोग प्रवक्ता भर्ती का विज्ञापन जारी कर देगा।

इससे पूर्व आयोग ने दिसंबर-2020 में 16 विषयों में प्रवक्ता के 1473 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस बार 20 विषयों में तकरीबन डेढ़ हजार पदों पर भर्ती होनी है। शुरुआत में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने आयोग को पुरुष वर्ग में 19 विषय व महिला वर्ग में एक विषय का अधियाचन भेजा था। बाद में सभी विषयों का अधियाचन आयोग को उपलब्ध करा दिया गया।

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आयोग के सूत्रों का कहना है कि दो विषयों के अधियाचन में कुछ विसंगतियां हैं, जिन्हें दूर किया जा रहा है। इस बारे में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अफसरों से बात की गई है। एक सप्ताह के भीतर विसंगतियों का निस्तारण हो जाएगा। इसके बाद प्रवक्ता के तकरीबन डेढ़ हजार पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा।

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इस बार बीएड की डिग्री होगी अनिवार्य

प्रवक्ता के पदों पर पिछली भर्ती में अनिवार्य शैक्षिक अर्हता परास्नातक की डिग्री निर्धारित की गई थी, लेकिन इस बार शैक्षिक अर्हता में बड़ा बदलाव किया गया है। हाल ही में शासन की ओर से जारी नई नियमावली में प्रवक्ता भर्ती के लिए बीएड की डिग्री अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थी ही इस बार आवेदन के लिए पात्र होंगे।

अब नहीं होगा समकक्ष अर्हता का विवाद

प्रवक्ता भर्ती में अब समकक्ष अर्हता का विवाद नहीं होगा। भर्ती से संबंधित नियमावली से समकक्ष शब्द ही हटा दिया गया है और अर्हता को लेकर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट कर दी गई है। पहले समकक्ष अर्हता को लेकर अक्सर विवाद हो जाता था और मामले कोर्ट में चले जाते थे। ऐसे में भर्तियां फंस जाती थीं। अर्हता स्पष्ट होने से अब भर्ती समय से पूरी की जा सकेगी।

लाखों अभ्यर्थियाें को झटका भी लगा

प्रवक्ता भर्ती में बीएड अनिवार्य किए जाने से उन लाखों अभ्यर्थियों को झटका लगा है, जिनके पास केवल परास्नातक की डिग्री है और उन्होंने प्रवक्ता भर्ती में शामिल होने की तैयारी की थी। ऐसे अभ्यर्थियों को बीएड की डिग्री हासिल करने में कम से कम दो साल का वक्त लगेगा। जिन अभ्यर्थियों के पास बीएड की डिग्री नहीं है, वे इस बार भर्ती में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे।

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