तमाम अभ्यर्थियों ने परीक्षा टालने की मांग की थी
अवनीश के पास दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के कुछ अभ्यर्थियों के फोन भी आए थे, जिन्होंने अपने कोविड पॉजिटिव होने की बात कही थी और वे चाहते थे कि प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति उनकी बात आयोग के समक्ष रखे।
दूसरी ओर भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह के नेतृत्व में पीसीएस परीक्षा टालने के लिए सोशल मीडिया पर व्यापक पैमाने पर अभियान भी शुरू कर दिया गया था।
कौशल सिंह एवं तमाम प्रतियोगी छात्रों का कहना था कि परीक्षा में कई जिलों के अभ्यर्थी प्रयागराज आएंगे। प्रयागराज में रोज कोरोना संक्रमण के 400 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्रयागराज आने वाले और यहां से बाहर जाने वाले सभी अभ्यर्थियों के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाएगा।
उत्तराखंड और पंजाब में स्थगित हो चुकी हैं कई बड़ी परीक्षाएं
उनका यह भी कहना था कि जब कोविड के कारण उत्तराखंड और पंजाब में कई बड़ी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं तो उत्तर प्रदेश में परीक्षा स्थगित क्यों नहीं की जा सकती है। प्रतियोगी छात्रों ने सवाल किए थे कि कोरोना संक्रमण के कारण किसी अभ्यर्थी या उसके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई दुर्घटना होती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?
आयोग ने अभ्यर्थियों की मांग मान ली है। आयोग के सचिव जगदीश की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के कारण 28 से 31 जनवरी तक प्रस्तावित पीसीएस-2021 की मुख्य परीक्षा स्थगित की जा रही है। यह परीक्षा अब 23 से 27 मार्च तक आयोजित की जाएगी।