लाखों की संख्या में ओटीआर होने के कारण सर्वर पर दबाव भी बढ़ गया है। यही वजह है कि आयोग को स्टाफ नर्स भर्ती, अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती, समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) भर्ती परीक्षा के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ानी पड़ी। एपीएस भर्ती परीक्षा की तिथि तो तीन बार बढ़ाई गई, ताकि इस भर्ती में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी ओटीआर की प्रक्रिया पूरी कर सकें।
हालांकि, आयोग ने पहले ही यह घोषित कर दिया था कि भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने के लिए एक अप्रैल 2023 से ओटीआर अनिवार्य होगा। इसे लागू करने से पहले आयोग ने स्पष्ट कर दिया था कि बिना ओटीआर के आवेदन स्वीकृत नहीं होंगे। इसके बावजूद अभ्यर्थी नई भर्तियां आने का इंतजार करते रहे। आयोग ने भी इस बार वार्षिक कैलेंडर में एपीएस, आरओ/एआरओ, स्टाफ नर्स जैसी महत्वपूर्ण भर्तियों को शामिल नहीं किया था।
कैलेंडर में सीमित संख्या में भर्तियां शामिल होने के कारण अभ्यर्थियों ने शुरुआत में ओटीआर नहीं किया और जब आयोग ने एपीएस, आरओ/एआरओ और स्टाफ नर्स जैसी प्रमुख भर्तियों के विज्ञापन जारी किए तो ओटीआर के लिए लाखों अभ्यर्थी कतार में आ गए। हालांकि, आयोग ने भर्ती परीक्षाओं के आवेदन की अंतिम तिथियां बढ़ाकर स्थिति को संभाल लिया है।
भविष्य में ओटीआर की संख्या 20 लाख या इससे ऊपर जाने के आसार हैं। आने वाले समय में आयोग पीसीएस-2024 का विज्ञापन जारी करेगा। वहीं, आयोग के पास राजकीय विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षक के छह हजार से अधिक पदों का अधियाचन पड़ा है। राजकीय विद्यालयों के प्रवक्ता के पदों का अधियाचन भी आयोग को मिल चुका है। इन भर्तियों के विज्ञापन जारी होने के बाद लाखों नए अभ्यर्थी भी ओटीआर करेंगे।