हालांकि इसमें एसडीम का कोई पद शामिल नहीं हैं। यूपीपीएससी के मीडिया प्रभारी पुष्कर श्रीवास्तव के अनुसार आयोग को राजकीय इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य के सर्वाधिक 292 पदों का अधियाचन मिला है। इसके अलावा डिप्टी एसपी के 16 पदों, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के 30, एआरटीओ के चार, औद्योगिक विकास में वित्त एवं लेखाधिकारी के छह पदों समेत कई अन्य पदों का अधियाचन मिला है।
हालांकि इस परीक्षा में पदों की संख्या बढना तय माना रहा है। पीसीएस और एसीएफ/आरएफओ प्रारंभिक परीक्षा आयोग के कैलेंडर में 13 जून को प्रस्तावित है। नियम है कि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने तक आयोग को जितने नए पदों का अधिचायन मिलता है, उन्हें भर्ती परीक्षा में शामिल कर लिया जाता है। ऐसे में आयोग के पास कम से कम छह माह का वक्त है।
अफसरों को उम्मीद है कि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने तक एसडीएम के साथ कई अन्य पदों का भी अधियाचन मिलेगा और पदों की संख्या बढ़ेगी। पिछले कुछ वर्षों में पीसीएस भर्ती के लिए जितनी परीक्षाएं हुईं, उनमें भी विज्ञापन जारी होने से लेकर प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने तक आयोग को कई नए पदों का अधिचायन मिला और बाद में पदों की संख्या बढ़ गई।
आयोग की ओर से शनिवार को पीसीएस-2021 का विज्ञापन जारी किए जाने के बाद अभ्यर्थियों ने स्केलिंग और क्षैतिज आरक्षण के मुद्दे पर फिर सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि केवल यूपी की महिलाओं को पूर्व की भांति क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जाए। वहीं, आयोग की ओर से जारी विज्ञापन में लिखा है कि यह मामला शासन की ओर से न्यायालय में दाखिल विशेष अपील पर न्यायालय द्वारा परित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। वहीं, स्केलिंग के मुद्दे पर विज्ञापन में लिखा है कि संजय सिंह बनाम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग व अन्य में उच्चतर न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णचय/आदेश के क्रम में मॉडरेशन/स्केलिंग की व्यवस्था यथावश्यक लागू रहेगी। अभ्यर्थियों की मांग है कि आयोग स्पष्ट करे कि स्केलिंग होगी या नहीं, जैसा कि पूर्व के विज्ञापनों में होता रहा है।