अदालत में झूठा हलफनामा देने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा प्रभारी निदेशक वन विभाग और रेंज अधिकारी को तलब कर लिया है। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि अदालत को गुमराह करने पर क्यों न उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाए। दोनों को नौ मार्च को हाजिर होने का निर्देश दिया है। बृजेंद्र सिंह की अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने यह आदेश दिया है।
याची अधिवक्ता का कहना है कि याची की उम्र की मेडिकल जांच की गई। जिसमें उसके 2029 में 60 साल की आयु पूरी होने की रिपोर्ट दी गई है। हाईकोर्ट ने याची को नियमित करने का निर्देश दिया था। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट तक पुष्ट हुआ। विभाग ने यह कहते हुए सेवा नियमित करने से इंकार कर दिया कि याची की आयु 60 साल की हो चुकी है।
इसलिए नियमित करने के आदेश का पालन नहीं किया जा सकती। याची की जन्म तिथि का फर्जी दस्तावेज भी हलफनामे के साथ दाखिल किया। मेडिकल जांच कराई गई तो 20 सितंबर 18 की रिपोर्ट में कहा गया कि याची की आयु 40 से 48 के बीच है। वह 2029 में 60 साल का होगा। जिस पर कोर्ट ने सीजेएम मथुरा के मार्फत नोटिस जारी कर झूठा हलफनामा देने के स्पष्टीकरण के साथ हाजिर होने का निर्देश दिया है।