आयोग ने 13 अप्रैल को पीसीएस-2019 और पीसीएस-2020 के प्राप्तांक एवं कटऑफ अंक जारी किए थे, जिसके बाद पीसीएस-2020 के कटऑफ को लेकर विवाद हो गया। प्रारंभिक परीक्षा में दो अभ्यर्थियों के प्राप्तांक न्यूनतम कटऑफ अंक से अधिक हैं।
पीसीएस-2020 में कटऑफ को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के अध्यक्ष को पत्र भेजकर आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, प्रतियोगी छात्रों ने भी प्राप्तांक एवं कटऑफ अंक देर से जारी किए जाने पर अयोग को कटघरे में खड़ा किया है।
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आयोग ने 13 अप्रैल को पीसीएस-2019 और पीसीएस-2020 के प्राप्तांक एवं कटऑफ अंक जारी किए थे, जिसके बाद पीसीएस-2020 के कटऑफ को लेकर विवाद हो गया। प्रारंभिक परीक्षा में दो अभ्यर्थियों के प्राप्तांक न्यूनतम कटऑफ अंक से अधिक हैं। इसके बावजूद प्रारंभिक परीक्षा में उन्हें सफल घोषित नहीं किया गया। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि आयोग अपनी गलती सुधारने के बजाय अभ्यर्थियों पर आवेदन पत्र ठीक से न भरने का आरोप लगा रहा है।
यह अन्यायपूर्ण और अनुचित व्यवहार है। उन्होंने वित्तीय एवं प्रशासकीय विलंब समिति के सभापति के तौर पर आयोग के अध्यक्ष से इस मामले में उचित कार्यवाही करने और समिति को अवगत कराने के लिए कहा है। हालांकि आयोग के सचिव की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि दोनों अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन में केवल एसीएफ/आरएफओ का विकल्प भरा था, इसलिए पीसीएस में उनके अभ्यर्थन पर विचार नहीं किया गया।