शासन ने किशनवीर सिंह शाक्य, कल्पराज सिंह और प्रो. आरएन त्रिपाठी को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) का सदस्य नियुक्त कर दिया है। शुक्रवार को तीनों सदस्यों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया। इसके साथ ही आयोग में सदस्यों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है, लेकिन तीन पद अब भी खाली हैं। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने तीनों को कार्यभार ग्रहण कराया। नए सदस्यों के आने आयोग में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित गतिविधियां अब और तेज होंगी।
आयोग के नए सदस्य किशनवीर सिंह शाक्य मूलत: गाजियाबाद के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं। ऐसे में उनके अनुभव का लाभ आयोग को मिलेगा। वहीं, कल्पराज सिंह हाईकोर्ट में राज्य विधि अधिकारी रह चुके हैं और वह मूलत: प्रयागराज के रहने वाले हैं, जबकि बीएचयू में समाजशास्त्र के प्रोफेसर आरएन त्रिपाठी अब तक उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के सदस्य थे।
उन्होंने पिछले साल ही उच्चतर श्क्षिा सेवा आयोग में बतौर सदस्य ज्वाइन किया था। शुक्रवार को उन्हें रिलीव कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में सदस्य के पद पर ज्वाइन कर लिया। अब उनका अनुभव भी आयोग के काम आएगा।
इन तीनों सदस्यों ने नियुक्ति होते ही सदस्य पद की जिम्मेदारी संभाल ली है और ऐसे में आयोग में परीक्षाओं से संबंधित गतिविधियां और तेज होने के आसार हैं। यूपीपीएससी में सदस्यों के कुल आठ पद हैं। इनमें से चार पद कुछ महीनों से खाली रिक्त पड़े थे।
पिछले माह 17 जून को डॉ. जयराम प्रसाद वैद्य और 20 जून को सुशीला सिंह सदस्य के पद से रिटायर हो गईं, जिसके बाद आयोग में केवल दो सदस्य डॉ. रामजी मौर्य एवं प्रेम कुमार सिंह रह गए और छह पद खाली हो गए। नए सदस्यों के आने के बाद अब तीन पद रिक्त रह गए हैं। इन रिक्त पदों पर भी जल्द ही नए सदस्यों की नियुक्ति हो सकती है।