पेपर छापने और पहुंचाने के लिए महज 36 दिन
आयोग ने पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा की तारीख 22 दिसंबर तय की है। ऐसे में अब महज 36 दिन शेष बचे हैं। नई नियमावली के तहत परीक्षा के लिए चार तरह के प्रश्न पत्र बनाने होंगे, ताकि एक प्रश्न पत्र के आउट होने या अन्य तरह की दिक्कत होने पर दूसरे पेपर से परीक्षा कराई जाए। आयोग को विशेषज्ञों का पैनल तैयार कर चार तरह के पेपर बनवाने होंगे और इन्हें अलग-अलग जगह छपवाना होगा। इसके बाद केंद्रवार प्रश्न पत्रों के बॉक्स बनवाकर संबंधित जिलों को भेजने होंगे। इस पूरी प्रक्रिया के लिए मात्र 36 दिन बचे हैं। अफसरों के अनुसार, परीक्षा एक दिन कराने के फैसले के बाद ही प्रश्न पत्र बनाने समेत अन्य प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
परीक्षा केंद्रों के चयन की चुनौती, तलाश शुरू
जिला प्रशासन के सामने परीक्षा केंद्रों के चयन की चुनौती खड़ी हो गई है। लंबी कवायद के बाद प्रयागराज में मानक के अनुसार करीब 60 केंद्रों की तलाश पूरी हो पाई थी। इसके लिए जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय तथा तकनीकी संस्थानों से भी मदद मांगी है। अब प्रशासन को दोगुने केंद्रों का चयन करना होगा। आयोग का पत्र तो अभी जिला प्रशासन के पास नहीं पहुंचा है लेकिन मुख्य सचिव ने शुक्रवार को ही वीडियो कांफ्रेंसिंग में स्थिति से अवगत कराने के साथ केंद्र निर्धारण के निर्देश दिए थे। एडीएम सिटी मदन कुमार का कहना है कि शासन तथा आयोग की नई गाइडलाइन के अनुसार केंद्र तय किए जाएंगे।
आरओ-एआरओ-प्री कराने की मांग, जल्द फैसला नहीं तो आंदोलन
आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा भी एक शिफ्ट में कराने की मांग अब भी जारी है। हरेंद्र यादव सहित अन्य छात्रों ने एक दिन परीक्षा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो फिर आंदोलन होगा। पार्षदों की बैठक में भी पीसीएस की तरह आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा एक दिन में कराने की मांग की गई। बैठक में शिवसेवक सिंह और आनंद घिल्डियाल मौजूद रहे।