सीबीआई जांच के घेरे में आए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के छह अफसरों पर कार्रवाई के मामले में आयोग ने पल्ला झाड़ लिया। इन छह अफसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इनकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में की गई थी और सीबीआई जांच में तेजी लाने की मांग भी हुई थी। आयोग ने अब पत्र के माध्यम से शिकायतकर्ता को जवाब दिया है कि आयोग के स्तर से कोई कार्रवाई अपेक्षित नहीं है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की सीबीआई जांच शुरू हुए दो साल से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान सीबीआई ने केवल पीसीएस-2015 में धांधली के मामले में मुकदमा दर्ज किया है और वह भी आयोग के अज्ञात अफसरों और बाहरी अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।
इसके अलावा न तो कोई अन्य मुकदमा दर्ज हुआ और न ही सीबीआई ने अब तक किसी के खिलाफ सीधी कार्रवाई की। सीबीआई जांच में तेजी लाने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का पत्र लिखा था।
अवनीश की ओर से पीएमओ को भेजे गए पत्र में आयोग के छह अफसरों की शिकायत भी की गई है, जिन पर आयोग की परीक्षाओं में धांधली के आरोप हैं और सीबीआई भी इनसे कई बार पूछताछ कर चुकी है लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपी इन अफसरों में से किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पीएमओ को भेजे गए पत्र में इन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी लेकिन पीएमओ ने शिकायती पत्र को आयोग को अग्रसारित कर दिया। अब आयोग की ओर से अवनीश को जवाब दिया गया है कि यूपीपीएससी में सीबीआई और एसटीएफ की ओर से जांच की जा रही है। इसलिए मामले में आयोग के स्तर से कोई कार्रवाई अपेक्षित नहीं है।