एलटी ग्रेड भर्ती परीक्षा पेपर लीक के मामले में एसटीएफ की कार्यवाही के खिलाफ उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने हाईकोर्ट की शरण ली है। आयोग ने परीक्षा से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए एसटीएफ द्वारा जारी समन को कोर्ट में चुनौती दी है, साथ ही एसटीएफ की ओर से संभावित किसी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। आयोग की याचिका पर बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति केएन बाजपेयी और न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की।
आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी का कहना था कि एसटीएफ ने धारा 91 सीआरपीसी के तहत समन जारी कर एलटी ग्रेड परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्र और अन्य दस्तावेज मांगे हैं। उनके आदेश का पालन नहीं किया जा सकता है, क्योंकि आयोग के यह दस्तावेज गोपनीय हैं, जिनको नियमानुसार किसी को नहीं दिया जा सकता है। एसटीएफ को आयोग से गोपनीय दस्तावेज मांगने का अधिकार नहीं है।
इस आधार पर आयोग ने एसटीएफ को दस्तावेज देने से इंकार कर दिया है। अब आयोग को आशंका है कि एसटीएफ उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने या दूसरी कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई कर सकती है। याचिका में किसी भी प्रकार की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की तथा एसटीएफ के समन को रद्द करने की मांग की गई है। याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने इस मसले पर जानकारी जुटाने के लिए और समय दिए जाने की मांग की है, जिसे स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए 17 जून की तिथि नियत की है।