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UPPCL: बिजली नहीं, बिल दे रहा है उपभोक्ताओं को जोर का झटका, गलत बिलिंग पर नहीं लग रही लगाम

Thu, 18 Apr 2024 12:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उपभोक्ताओं का कहना है कि एक तो उन्हें त्रुटिपूर्ण बिल भेजा गया। अब उसमें सुधार कराने दफ्तर पहुंचने पर अधिकारी और कर्मचारी नए-नए अड़ंगे डाल रहे हैं। यहां-वहां दौड़ा रहे हैं। कार्य में लापरवाही मीटर रीडर ने की और खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
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बिजली का बिल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तमाम कोशिशों के बावजूद बिजली विभाग गलत बिलिंग पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग बिल संशोधन के लिए विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि अधिकारी समस्या का समाधान करने की बजाय कनेक्शन काटने की धमकी दे रहे हैं।

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उपभोक्ताओं का कहना है कि एक तो उन्हें त्रुटिपूर्ण बिल भेजा गया। अब उसमें सुधार कराने दफ्तर पहुंचने पर अधिकारी और कर्मचारी नए-नए अड़ंगे डाल रहे हैं। यहां-वहां दौड़ा रहे हैं। कार्य में लापरवाही मीटर रीडर ने की और खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।

केस एक

तेलियरगंज के रसूलाबाद में रहने वाले शुभम त्रिपाठी का तीन किलोवाट का कनेक्शन है। शुभम का बिल दिसंबर में 3320, जनवरी में 2331 और फरवरी महीने में 2299 रुपये आया। उन्होंने इसका भुगतान किया, जिसकी रसीद भी उनके पास मौजूद है। उन्हें मार्च में विद्युत महकमे की ओर से 23,956 रुपये का बिल थमाया गया। इसकी शिकायत ऑनलाइन माध्यम से की गई तो कोई सुनवाई नहीं हुई। मौजूदा समय में उनका बकाया बिल 44,807 रूपये का दिख रहा है। मीटर रीडर ने बताया कि किसी और का मीटर नंबर बिल पर चढ़ गया है। यह त्रुटि कैसे सही होगी इसके बारे में कोई भी जवाब नहीं दे रहा है।
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केस दो

होलागढ़ के धनी का पुरा कल्याणपुर उपकेंद्र के उपभोक्ता शीर्षक पांडेय का आरोप है कि उनका एक किलोवाट का बिजली कनेक्शन है। हर महीने का बिजली बिल 200 से 350 रुपये के बीच ही रहता था। लेकिन मार्च में यह बिल 8262 रुपये का आ गया है। इससे पहले नवंबर में भी दस हजार रुपये का बिल भेज दिया गया था। तब दो महीने दफ्तरों के चक्कर लगाने के बाद ही बिल सही हुआ था। इस बार कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जेई एसडीओ के पास भेज रहे हैं और एसडीओ जेई के दफ्तर जाने की बात कह रहे हैं। यह समस्या कैसे सुलझेगी इसकी जानकारी देने को कोई तैयार नहीं है।


मीटर रीडरों को निर्देशित किया गया है कि वह बिना रीडिंग के बिल न बनाएं अन्यथा कार्रवाई होगी। उपभोक्ता उपखंड अधिकारी से बिल सही करा सकते हैं। वहां समाधान नहीं होने पर वह अधिशासी अभियंता या अधीक्षण अभियंता से भी संपर्क कर सकते हैं। - विश्वदीप अंबरदार, मुख्य अभियंता

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