इस तरह 52,02,194 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा समापन के बाद मूल्यांकन के लिए 259 केंद्र बनाए गए। मूल्यांकन केंद्रों पर कापियां पहुंचाई गई और 16 मार्च से इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई। हाईस्कूल की कापियों के मूल्यांकन के लिए 94,802 शिक्षक और इंटरमीडिएट के लिए 52,295 शिक्षकों को लगाया गया।
मूल्यांकन के दौरान एक शिक्षक की हत्या हो गई थी। कई शिक्षक मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे थे। तब बोर्ड के अफसरों ने शिक्षकों से समन्वय बनाते हुए मूल्यांकन का काम जारी रखा और निर्धारित अवधि 30 मार्च तक काम पूरा करवा लिया।
मूल्यांकन होने के बाद परिणाम तैयार करने का काम लगातार चला। बोर्ड के अफसर और कर्मचारी छुट्टी के दिन भी परिणाम तैयार करने में जुटे रहे। बोर्ड सचिव ने पिछले वर्ष से पहले परिणाम जारी करने का लक्ष्य रखा था और उसे पूरा भी किया। सचिव ने बताया कि पिछले वर्ष 25 अप्रैल को परिणाम आया था। इस बार उससे पांच दिन पहले परिणाम जारी कर दिया है। इसमें से हाईस्कूल के 24,62,026 और इंटरमीडिएट के 20,26,067 परीक्षार्थी सफल हुए हैं।