शासन ने यह माना है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी अतिसंवेदनशील कार्य है। इसके लिए मूल्यांकन अवधि तक सभी केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। शासन की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर मूल्यांकन कार्य को शुचितापूर्ण तरीके से कराने में सहयोग करने को कहा गया है। मूल्यांकन में गड़बड़ी की स्थिति में स्टैटिक मजिस्ट्रेट की जवाबदेही रहेगी।
बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि स्टैटिक मजिस्ट्रेट दस बंडलों का रैंडम तरीके से चयन करेंगे और उसे उप प्रधान परीक्षक को देंगे। साथ ही लगातार मूल्यांकन कार्य का सतत निरीक्षण करेंगे। जनपद एवं राज्य स्तर से मूल्यांकन केंद्रों की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रहेगी। वेब कास्टिंग के माध्यम से लाइव मानीटरिंग होगी। प्रत्येक कक्ष में सीसीटीवी कैमरा रहेगा। सचिव ने कहा कि कोई भी परीक्षक मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया तो सख्त कार्रवाई होगी। केंद्रों में एक पृथक कक्ष रहेगा जहां परीक्षकों का मोबाइल जमा रहेगा।
डायट के प्राचार्य रहेंगे पर्यवेक्षक
मूल्यांकन केंद्रों के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी डायट के प्राचार्य निभाएंगे। प्रत्येक जिले के डायट प्राचार्य अपने यहां के सभी मूल्यांकन केंद्रों की जांच करेंगे। पर्यवेक्षक यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी केंद्र पर बाहरी व्यक्ति न आने पाए। सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि उपप्रधान परीक्षकों को रैंडम तरीके से उत्तर पुस्तिकाएं दी जा रही हैं अथवा नहीं, इसकी निगरानी भी पर्यवेक्षक करेंगे। केंद्र के बाहर भीड़ जमा ना होने पाए, इसकी जिम्मेदारी भी पर्यवेक्षक पर रहेगी।