उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) की ओर से विज्ञापन संख्या 50 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 2002 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे पहले आयोग ने विज्ञापन संख्या 47 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की, लेकिन परीक्षा में गलत सवाल पूछे जाने को लेकर यह भर्ती विवादों में रही। समाजशास्त्र विषय में तो बिना किसी आपत्ति के आयोग ने चार सवाल डिलीट कर दिए और एक सवाल का उत्तर बदल दिया। ऐसे में आयोग की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन संख्या 47 के तहत समाजशास्त्र विषय के एक अभ्यर्थी ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी कि आयोग की ओर से जारी प्रथम उत्तरकुंजी के किन प्रश्नों पर अभ्यर्थियों ने आपत्तियां की थीं। आयोग ने जवाब में उन प्रश्नों की संख्या बताई, जिन पर आपत्तियां आईं लेकिन अंतिम उत्तरकुंजी में चार ऐसे सवाल डिलीट किए गए, जिन पर कोई आपत्ति नहीं आई थी। साथ ही बिना आपत्ति के एक सवाल का जवाब भी बदल दिया गया। ‘बी’ सिरीज की बुकलेट में सवाल नंबर 38 में पहले ‘डी’ विकल्प को सही माना गया था, अंतिम उत्तर कुंजी जारी होने के बाद ‘बी’ विकल्प को सही मान लिया गया।
इसके अलावा सवाल नंबर 66, 76, 79 और 81 को भी अंतिम उत्तरकुंजी में डिलीट कर दिया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर इन प्रश्नों को लेकर कोई आपत्ति नहीं की गई तो आयोग ने किस आधार पर एक सवाल का जवाब बदल दिया और चार सवाल डिलीट कर दिए। इसका मतलब है कि आयोग ने जिन विशेषज्ञों के माध्यम से पेपर तैयार कराया था, उन विशेषज्ञों की योग्यता ही सवालों के घेरे में हैं। अभ्यर्थी अब मांग कर रहे हैं कि नई भर्ती में पुरानी भर्ती के विशेषज्ञों को शामिल न किया जाए और यूपीएचईएससी स्पष्ट करे कि बिना आपत्ति चार सवाल क्यों डिलीट किए गए और किस आधार पर एक सवाल का जवाब बदला गया।