चूंकि, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 तथा माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से टीजीटी-पीजीटी के 4163 पदाें के लिए आवेदन लिए जा चुके हैं। ऐसे में आयोग की ओर से पहले इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में अध्यक्ष ने नौ समितियों का गठन किया। ये समितियां आयोग कैसे काम करेगा, भर्तियों को लेकर होने वाले मुकदमों की पैरवी तथा अधिवक्ताओं के पैनल की नियुक्ति, दस्तावेजों का हस्तांतरण, प्रश्न पत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों का पैनल आदि बिंदुओं पर अलग-अलग रिपोर्ट तैयार करेंगी। अध्यक्ष ने कहा कि सभी समितियां 15 दिनों में रिपोर्ट दे दें। ताकि, शासन से अनुमति लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। जिससे लोकसभा चुनाव के बाद जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सके। सभी 12 सदस्यों की मौजूदगी में कई अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा हुई तथा निर्णय लिए गए।
लोक सेवा आयोग की तर्ज पर करेगा काम
शिक्षा सेवा चयन आयोग उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की तर्ज पर काम करेगा। इस पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कमेटी बनाई गई है। कमेटी को 15 दिनों में रिपोर्ट देनी है। शिक्षा सेवा चयन आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष की बैठक में भर्ती प्रक्रिया, नियम-शर्तें, भर्ती के मापदंड आदि बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अध्यक्ष तथा सदस्यों का भर्तियों की निष्पक्षता तथा पारदर्शिता पर विशेष जोर रहा। ऐसे में लोक सेवा आयोग की तर्ज तथा मापदंडों पर काम करने तथा भर्तियां करने का निर्णय लिया गया। इसी क्रम में अध्यक्ष ने कमेटी गठित की। लोक सेवा आयोग कैसे काम करता है, सेवा शर्तें क्या हैं, भर्ती एवं परीक्षा की क्या प्रक्रिया है तथा इसके मानक क्या हैं आदि बिंदुओं पर समिति अध्ययन करेगी और रिपोर्ट तैयार करेगी।
जल्द बनेगी वेबसाइट, होगी भर्ती
आयोग की जल्द ही अपनी वेबसाइट होगी। अध्यक्ष ने कार्यवाहक सचिव विशेष सचिव उच्च शिक्षा गिरजेश त्यागी को इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। आयेाग विशेष सचिव उच्च शिक्षा गिरजेश त्यागी की कार्यवाहक सचिव के पद पर नियुक्ति की गई है लेकिन स्थाई नियुक्ति होनी है। इसके अलावा वित्त नियंत्रक, परीक्षा नियंत्रक, उप सचिव समेत कई पदों पर अभी भर्ती नहीं हुई है। अध्यक्ष इन पदों पर भर्तियों को लेकर चर्चा की तथा जरूरी प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। आयोग में कितने अनुभाग होने चाहिए, उनमें कितने स्टॉफ की जरूरत होगी आदि बिंदुओं पर भी चर्चा हुई और अध्यक्ष ने इस बाबत आवश्यक निर्देश दिए।
वित्तीय लेनदेन के लिए जनरेट किया जाए कोड
आयोग में अभी वित्त नियंत्रक की नियुक्ति नहीं हुई। इसके अलावा आयोग का डीडीओ कोड भी जनरेट नहीं हुआ है। अभी पुरानी भर्ती संस्थाओं के डीडीओ कोड से ही काम चलाया जा रहा है। ऐसे में वेतन समेत अन्य वित्तीय लेनदेन प्रभावित है। बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा हुई। इस पर अध्यक्ष ने जरूरी प्रक्रिया पूरी कर शासन से डीडीओ कोड जनरेट कराने के निर्देश दिए। ताकि, वित्तीय लेनदेन संबंधी गतिरोध को दूर किया जा सके।
निदेशालय की भी देखी कार्यशैली
प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा ने निदेशालय का भी निरीक्षण किया। वह सभी अनुभाग में गए और कार्यों की जानकारी ली तथा जरूरी निर्देश दिए। उनका शिकायतों के निस्तारण पर जोर रहा। निदेशक डाॅ.अमित भारद्वाज को निर्देश दिया कि नियमित निरीक्षण कर काम में तेजी लाएं। प्रमुख सचिव का सफाई पर भी विशेष ध्यान रहा।
2022 एवं 2023 के नेट अभ्यर्थियों को भी भर्ती में मौका दिए जाने की मांग
2022 और 2023 में यूजीसी नेट अभ्यर्थियों ने विज्ञापन संख्या 51 के अंतर्गत होने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में मौका दिए जाने की मांग की। उन्होंने शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एवं सचिव को संबोधित ज्ञापन भी बुधवार को सौंपा। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने विज्ञापन संख्या 51 के तहत सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी।
आयोग की ओर से आवेदन भी लिए जा चुके हैं लेकिन अब इन पदों पर शिक्षा सेवा चयन आयोग भर्ती करेगा। आयोग कार्यालय पहुंचे 2022 और 2023 में यूजीसी नेट उत्तीण प्रतियोगियों ने ज्ञापन सौंपकर इस भर्ती में मौका दिए जाने की मांग की। उन्होंने इसके लिए एक सप्ताह के लिए पोर्टल खोलकर आवेदन लिए जाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में पवन कुमार, अमित पटेल, अजय गुप्ता, जय किशन सिंह, आशीष सिंह आदि शामिल रहे।