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Upbhokta Ayog : नौ साल पुराने बिजली बिल पर उपभोक्ता को राहत, आयोग ने फिक्स चार्ज बिल किया रद्द

Fri, 02 Jan 2026 08:28 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बिजली विभाग द्वारा लगाए गए फिक्स चार्ज को अवैध मानते हुए उपभोक्ता को बड़ी राहत दी है। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम और सदस्य प्रकाश चंद्र त्रिपाठी की पीठ ने हरि शंकर दुबे के परिवाद पर दिया।
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अदालत - फोटो : ANI
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विस्तार
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बिजली विभाग द्वारा लगाए गए फिक्स चार्ज को अवैध मानते हुए उपभोक्ता को बड़ी राहत दी है। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम और सदस्य प्रकाश चंद्र त्रिपाठी की पीठ ने हरि शंकर दुबे के परिवाद पर दिया।

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नैनी निवासी याची हरि शंकर दुबे ने आरोप लगाया था कि उनकी मां के नाम से घरेलू विद्युत कनेक्शन था। मां के निधन के बाद 2015 में बिजली विभाग ने लगभग 94,495 रुपये बकाया बताते हुए कनेक्शन काट दिया और खंभे से केबल भी हटा दिया। इसके बाद मकान वर्षों तक बंद रहा। 2023 में बाहर से वापस लौटने पर उन्होंने विभाग से ब्याज रहित संशोधित बिल बनाने का अनुरोध किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मजबूर होकर उपभोक्ता आयोग की शरण ली।

बिजली विभाग ने दलील दी कि मामला समय सीमा (कालबाधित) से बाहर है और मीटर रीडिंग के आधार पर बिल सही है। साथ ही कनेक्शन कटने के बाद अप्रैल 2015 से जुलाई 2025 तक फिक्स चार्ज जोड़कर 1,41,458 रुपये रुपये का बिल विभागीय नियमों के तहत बनाया गया है। याची अधिवक्ता ने दलील दी कि कनेक्शन कटने के बाद भी वर्षों तक फिक्स चार्ज जोड़ने का कोई ठोस रिकॉर्ड विभाग पेश नहीं कर सका।
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मकान लंबे समय तक बंद रहा। याची ने समय-समय पर विभाग से पत्राचार किया। आयोग ने विभाग द्वारा भेजा गया 1,41,458 रुपये का फिक्स चार्ज बिल रद्द कर दिया। साथ ही आदेश दिया कि बिजली विभाग कनेक्शन काटने की तारीख चार अप्रैल 2015 तक का वास्तविक बकाया 95,495 रुपये और अप्रैल 2015 से अब तक का अधिभार रहित फिक्स चार्ज जोड़कर दो माह के भीतर संशोधित बिल उपलब्ध कराए।

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