इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्रुखाबाद पुलिस को अधिवक्ता अवधेश मिश्रा को किसी मामले में गिरफ्तार करने से पहले लिखित कारण बताने का आदेश दिया है। साथ ही 12 जनवरी तक मामले की विस्तृत जानकारी तलब की है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की आपातकालीन खंडपीठ ने अवधेश मिश्रा की याचिका पर दिया है।
इससे पहले फर्रुखाबाद की एक महिला की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान अवधेश मिश्रा को कोर्ट के बाहर से गिरफ्तार करने का मामला प्रकाश में आया था। जानकारी पर कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक आरती सिंह को तलब किया था। आरोप था कि पीड़िता की ओर से मुकदमे की पैरवी के कारण पुलिस अधिवक्ता का उत्पीड़न कर रही थी। फर्जी मुकदमे में उसे अवैध हिरासत में लिया था।
इसके बाद दाखिल याचिका पर कोर्ट ने अधिवक्ता अवधेश मिश्रा की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। अब शीतकालीन अवकाश के दौरान अधिवक्ता ने नई याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक अपने अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने का दबाव बना रही हैं। हालांकि, याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाते हुए शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि गिरफ्तारी की आशंका पर अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की जा सकती है। अब मामले की जानकारी 12 जनवरी को होगी।