इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टेट)-2019 के विवादित प्रश्नों से जुड़े मामले में याचियों को संशोधित अंकपत्र जारी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टेट)-2019 के विवादित प्रश्नों से जुड़े मामले में याचियों को संशोधित अंकपत्र जारी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार की एकल पीठ ने अनुराधा और नौ अन्य की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर दिया।
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मूल याचिकाओं में यूपी टेट-2019 के पांच प्रश्नों के उत्तरों को चुनौती दी गई थी। इनमें प्रश्न संख्या 35 (हिंदी), 83 (संस्कृत), 124, 139 और 144 (पर्यावरण अध्ययन) शामिल थे। याचियों का कहना था कि कुछ प्रश्नों में सभी विकल्प गलत होने के बावजूद एक विकल्प को सही घोषित किया गया, जबकि कुछ में गलत विकल्प को सही माना गया।
पांच फरवरी 2024 के आदेश में कोर्ट ने पाया था कि प्रश्न संख्या 83 और 144 पर याचियों की आपत्तियां विशेषज्ञों ने सही मानी हैं। उन पर एक-एक अंक दिया जा चुका है। कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन याचियों को ये अंक नहीं मिले हैं, उन्हें इसका लाभ देकर नए सिरे से परिणाम घोषित किया जाए। वहीं, प्रश्न संख्या 35, 124 और 139 की संशोधित उत्तरकुंजी में हस्तक्षेप से कोर्ट ने इन्कार कर दिया था। सात सितंबर 2026 की सुनवाई में राज्य सरकार ने तीन सितंबर के आदेश प्रस्तुत किए। बताया गया कि याचियों के अंक बढ़ा दिए गए हैं। संशोधित अंकपत्र 15 दिन में जारी कर दिया जाएगा।