प्राचार्य पद चयनित अभ्यर्थियों को उच्च शिक्षा निदेशालय ने कॉलेज तो आवंटित कर दिए, लेकिन कुछ कॉलेजों में नियुक्ति पत्र के साथ ज्वाइन करने पहुंचे प्राचार्यों को अब कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया। इन्हीं में से एक कॉलेज स्वामी सुखदेवा नंद पीजी कॉलेज, शाहजहांपुर है, जिसकी प्रबंध समिति के अध्यक्ष स्वामी चिन्मयानंद हैं। शिकायत मिलने पर निदेशालय ने कॉलेज प्रबंधन से बात की है। अगर अभ्यर्थी को जल्द ही ज्वाइन नहीं कराया जाता है तो कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में प्राचार्य के 290 पदों पर भर्ती की थी। चयनितों में बरेली कॉलेज, बरेली में शिक्षक रहे राकेश कुमार आजाद भी शामिल थे। निदेशालय ने ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से इन्हें कॉलेज आवंटित कर दिया। राकेश कुमार को शाहजहांपुर स्थित स्वामी सुखदेवा नंद पीजी कॉलेज आवंटित किया गया था।
राकेश कुमार ने निदेशालय में शिकायत दर्ज कराई है कि कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें नियुक्ति पत्र तो दे दिया, लेकिन कार्यभार नहीं सौंपा। वहां अब भी प्रभारी प्राचार्य की देखरेख में कामकाज हो रहा है। इसी तरह डॉ. सुमन ने भी शिकायत की है कि उस सेन कॉलेज, कानपुर आवंटित किया गया था, लेकिन वहां जाने पर ज्वाइन नहीं कराया गया।
डीएवी ट्रेनिंग कॉलेज कानपुर और शशिभूषण कॉलेज लखनऊ से भी ऐसी शिकायतें आईं हैं। सहायक निदेशक डॉ. बीएल शर्मा का कहना है कि प्राचार्यों को ज्वाइन न कराने पर संबंधित कॉलेजों को नोटिस जारी किया जा रहा है। कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। जहां तक स्वामी सुखदेवा नंद पीजी कॉलेज, शाहजहांपुर की बात है तो वहां से यह भी बताया गया है कि राकेश कुमार खुद ही ज्वाइन नहीं कर रहे हैं। इस मसले पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा जा रहा है। वह राकेश कुमार को अपने साथ लेकर जाएंगे। इसके बाद भी उन्हें ज्वाइन नहीं कराया जाता है तो कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति भेजी जाएगी।