उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में चल रहे पीसीएस-2024 के साक्षात्कार में बृहस्पतिवार को अभ्यर्थियों से प्रशासनिक समझ, विश्लेषण क्षमता और समसामयिक विषयों में विज्ञान, पर्यावरण और खेल से संबंधित प्रश्न पूछे गए।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में चल रहे पीसीएस-2024 के साक्षात्कार में बृहस्पतिवार को अभ्यर्थियों से प्रशासनिक समझ, विश्लेषण क्षमता और समसामयिक विषयों में विज्ञान, पर्यावरण और खेल से संबंधित प्रश्न पूछे गए।
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एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि महात्मा गांधी ने सिविल सेवक में कौन-कौन से गुण आवश्यक बताए हैं। पूछा गया कि यदि वे एसडीएम हैं और कार्यालय का कोई कर्मचारी लोगों से काम कराने के लिए 100 रुपये रिश्वत लेता है तो वे क्या कदम उठाएंगे। एसडीएम बनने पर वे ऐसा कौन-सा नवाचारी कार्य करेंगे जो किसी सरकारी योजना से सीधे जुड़ा न हो।
वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के कार्यों, रॉकेट और सैटेलाइट प्रक्षेपण, नेविगेशन प्रणाली, सैटेलाइट के प्रकार और रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट से संबंधित सवाल किए गए। साथ ही चंद्रयान मिशन में नमूने किस प्रकार एकत्र किए जाते हैं, पर सवाल किया गया। दूसरे अभ्यर्थी से एनवायरनमेंट असेसमेंट, पर्यावरण के घटक और नदी-समुद्र के पानी का रंग अलग-अलग क्यों दिखाई देता है, पर चर्चा की गई।
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कुछ अभ्यर्थियों से उनकी सेवा वरीयता, खेलों से जुड़े ताजा परिणाम और प्रशासनिक नियमों पर भी प्रश्न किए गए। एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि वह इंटरव्यू हॉल में बैठकर क्या सोच रहे थे और सिविल सेवा में आने की उनकी प्रेरणा क्या है। पैनल ने उनसे गांधी की तस्वीर दिखाकर उनकी शिक्षाओं की वर्तमान समय में प्रासंगिकता के बारे में पूछा।
एक महिला अभ्यर्थी ने बताया कि उनसे स्नातक विषय, महिला सशक्तीकरण और सिविल सेवक में आवश्यक गुणों के बारे में प्रश्न किए गए। उनसे पूछा गया कि यदि कोई महिला अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत लेकर आए और वरिष्ठ अधिकारी तथा राजनीतिक दबाव यथास्थिति बनाए रखने को कहें, तो वे क्या निर्णय लेंगी।