बांग्लादेश में हिंदू परिवारों-मंदिरों का खात्मा मानवता के लिए कलंक
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन मंत्री मिलिंद परांडे ने बृहस्पतिवार को कहा कि बांग्लादेश में हिंदू परिवारों- मंदिरों का खात्मा मानवता के लिए कलंक है। बांग्लादेश में तख्ता पलट के बाद हिंदू अल्पसंख्यकों की हत्या के साथ ही उनके घरों को जलाने, मंदिरों को तोड़ने की घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से तत्काल हस्तक्षेप का उन्होंने आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और उसके नुमाइंदों से इस पर बात करनी चाहिए। साथ ही विश्व समुदाय से भी इसके लिए आगे आने का उन्होंने आह्वान किया। कहा कि इस विपदा की घड़ी में बांग्लादेश छोड़कर भारत आने वाले ऐसे हिंदुओं को हर संभव सुरक्षा और शरण दी जानी चाहिए।
केसर भवन स्थित काशी प्रांत के कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में विहिप के केंद्रीय संगठन मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश में मारे जा रहे निर्दोष हिंदू, बौद्ध और सिख समुदाय के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में उत्पन्न अराजकता संपूर्ण विश्व की मानवता के लिए संकट है। एक सवाल के उत्तर में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में रहने वाले 1.50 करोड़ हिंदू, बौद्ध और सिखों के भारत आने और शरण देने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। सीमा पर सिर्फ मुस्लिम घुसपैठियों को रोकने के प्रयास किए जाने चाहिए।
उनका कहना था कि पूरे विश्व में भारत ही हिंदुओं के लिए सुरक्षित शरणस्थल है। इसके अलावा वह दूसरी जगह कहीं जा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रधानमंत्री के त्यागपत्र देने और देश छोड़ने के बाद अराजक तत्व हावी हो गए हैं। वहां कानून व्यवस्था निष्प्रभावी हो चुकी है। इस हालात का फायदा उठाकर वहां कई दिनों से हिंदू अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और घरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। वहां मंदिरों को भारी क्षति पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विश्व समुदाय की यह जिम्मेदारी है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व उनके मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
उन्होंने कहा कि इस परिस्थिति का लाभ उठा कर जिहादियों की ओर से सीमा पार से घुसपैठ का प्रयत्न किया जा सकता है। इससे सतर्क भी रहना होगा। इसलिए सुरक्षाबलों के लिए आवश्यक है कि सीमा पर किसी भी तरह अतिक्रमण को न होने दें विहिप की हमारी कामना है कि बांग्लादेश में शीघ्र लोकतंत्र बहाली के साथ धर्मनिरपेक्ष सरकार पुनः स्थापित हो। वहां के अल्पसंख्यक समाज के मानवाधिकारों की रक्षा हो सके। वार्ता के समय काशी प्रांत के अध्यक्ष केपी सिंह भी उपस्थित थे।