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तैयारी : नैनी-झूंसी के बीच बनेगा UP का सबसे लंबा पुल, शीघ्र शुरू होगा काम, 2024 तक तैयार करने का है लक्ष्य

Sun, 13 Aug 2023 02:00 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यह सेतु इनररिंग रोड के पहले चरण में प्रस्तावित है। दो चरणों में पूरी कराई जाने वाली इनर रिंगरोड परियोजना के पहले चरण में 29.50 किमी सड़क का निर्माण कराया जाएगा। पहले चरण में शहर से गुजरने वाले तीन राजमार्गों को इनर रिंगरोड से जोड़ने की योजना है।
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झूंसी से नैनी के बीच प्रस्तावित गंगा पुल का प्रस्तावित मॉडल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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महाकुंभ-2025 की महत्वाकांक्षी इनर रिंगरोड परियोजना के तहत जिले में प्रदेश के सबसे लंबे पुल का निर्माण किया जाएगा। नैनी-झूंसी के बीच गंगा पर बनने वाले इस पुल की लंबाई 3.02 किमी होगी। टेंडर की अंतिम तिथि 24 अगस्त है। अक्तूबर के पहले हफ्ते से निर्माण आरंभ हो जाएगा। परियोजना पर 3200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे पहले बलिया में गंगा के शिवरामपुर घाट पर 2.08 किमी लंबा जनेश्वर मिश्र सेतु प्रदेश का सबसे लंबे पुल के रूप में दर्ज था।

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यह सेतु इनररिंग रोड के पहले चरण में प्रस्तावित है। दो चरणों में पूरी कराई जाने वाली इनर रिंगरोड परियोजना के पहले चरण में 29.50 किमी सड़क का निर्माण कराया जाएगा। पहले चरण में शहर से गुजरने वाले तीन राजमार्गों को इनर रिंगरोड से जोड़ने की योजना है। दूसरे चरण में यमुना पर पुल निर्माण के अलावा इनर रिंगरोड के शेष हिस्से को पूरा कराया जाएगा।

महाकुंभ से पहले काम पूरा कराने के दबाव को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से इनर रिंगरोड परियोजना का निर्माण सितंबर के अंतिम हफ्ते या अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में आरंभ हो जाएगा। एनएचएआई को इस परियोजना को अक्तूबर 2024 तक पूरा कराने का लक्ष्य दिया गया है।  फिलहाल पहले चरण में प्रयागराज-रीवा राजमार्ग, प्रयागराज-मिर्जापुर राजमार्ग और प्रयागराज -वाराणसी राजमार्ग को इनर रिंग रोड में मिलाया जाएगा।

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मध्य प्रदेश जाने वालों को शहर में नहीं करना पड़ेगा प्रवेश


इन तीनों राजमार्गों को इनर रिंग रोड में मिलाए जाने के बाद शहर के लोगों की राह काफी आसान हो जाएगी। रीवां रोड की ओर से वाराणसी जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना होगा। वाराणसी की ओर से एमपी जाने वाले वाहन शहर के बाहर से ही इनर रिंगरोड से होकर जा सकेंगे। इसके लिए 402 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इनर रिंग रोड नीबीकला, लवायन कला, यूनाइटेड इंस्टीट्यूट, सरस्वती हाईटेक सिटी के पास से होकर गुजरेगी।

 

इनर रिंग रोड परियोजना के प्रथम चरण के लिए 24 अगस्त तक टेेंडर की तिथि निर्धारित की गई है। इसमें गंगा पर 3.02 किमी लंबा सेतु बनेगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही कम शुरू करा दिया जाएगा। - पंकज मिश्रा, क्षेत्रीय परियोजना निदेशक, एनएचएआई।

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