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UP : औरैया में सैकड़ों मकानों के ध्वस्तीकरण पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सुनवाई के लिए देर शाम बैठी स्पेशल बेंच

Sat, 14 Sep 2024 06:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

याची सत्य प्रकाश व अन्य का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ सिंह और अधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि औरैया के डीएम ने नौ सितंबर को मकानों पर नोटिस चस्पा कर कब्जा हटा लेने के लिए कहा था। इसके बाद मुनादी भी कराई गई। वहीं, 14 सितंबर को मकान को गिराने की तैयारी थी।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने औरैया के दिबियापुर में 100 से अधिक मकानों के ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी है। मकानों का ध्वस्तीकरण 14 सितंबर को किया जाना था। याचियों की ओर से अधिवक्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश से विशेष रूप से अनुरोध कर मामले की सुनवाई करने के लिए कहा। इस पर मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली ने देर शाम न्यायमूर्ति एसडी सिंह और न्यायमूर्ति डी रमेश की विशेष पीठ गठित की।

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याची सत्य प्रकाश व अन्य का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ सिंह और अधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि औरैया के डीएम ने नौ सितंबर को मकानों पर नोटिस चस्पा कर कब्जा हटा लेने के लिए कहा था। इसके बाद मुनादी भी कराई गई। वहीं, 14 सितंबर को मकान को गिराने की तैयारी थी।

अधिवक्ता का कहना था कि याची 1968 से वहां रह रहे हैं। 1993 तक उनसे किराया भी लिया जाता रहा है। इस बीच एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने प्रशासन से मौके की रिपोर्ट मांगी थी। जनहित याचिका में कहा गया कि सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। हाईकोर्ट का नोटिस मिलने के बाद डीएम ने मकानों के ध्वस्तीकरण का आदेश पारित कर दिया।
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इससे पूर्व भी औरैया-कन्नौज मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 50-60 मकान गिराए जा चुके हैं। जबकि,अन्य का मामला कोर्ट में लंबित था। हाईकोर्ट ने पूर्व में इस मामले में याची को अधिकारियों के समक्ष प्रत्यावेदन देने के लिए कहा था। इसे चार मई 2024 और 20 मई 2024 को अधिकारियों ने खारिज कर दिया। इसके बाद जिला अधिकारी ने सभी मकानों पर ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस चस्पा करवा दिया। कोर्ट ने ध्वस्तीकरण पर रोक लगा इस प्रकरण को 17 सितंबर को नियमित अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। 

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