शातिरों ने सचिव को बनाया है फर्जी हस्ताक्षर
सोशल मीडिया फर्जी हस्ताक्षर वाली विज्ञप्ति वायरल होने लगी। विज्ञप्ति में शातिरों ने एक टोल फ्री नंबर भी दिया है, ताकि लोग अपनी जिज्ञासा शांत कर सकें। यह विज्ञप्ति वायरल होते हुए शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के बीच पहुंची तो वह सन्न रह गए। प्रधानाचार्यों ने यूपी बोर्ड के अफसरों से संपर्क किया। तब उन्हें पता चला कि वायरल हो रही विज्ञप्ति फर्जी है। विज्ञप्ति पर सचिव का फर्जी हस्ताक्षर है। साथ ही विज्ञप्ति में दिया गया टोल फ्री नंबर भी माध्यमिक शिक्षा परिषद का नहीं है।
जानकारी होने पर यूपी बोर्ड सचिव ने साइबर क्राइम थाने में मामले की तहरीर दी है। यूपी बोर्ड सचिव डॉ. दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि अराजकतत्वों पर कार्रवाई के लिए फर्जी हस्ताक्षर वाली विज्ञप्ति वायरल करने के मामले की तहरीर साइबर क्राइम थाने में दी गई है। यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न होंगी। प्रधानाचार्यों, परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील है कि वह ऐसी किसी भ्रामक सूचनाओं के चक्कर में न पड़े।