शिक्षकों ने लगाए थे कई गंभीर आरोप
इस तरह की कार्रवाई में बाद में आरोप लगते कि बीएसए ने ऐसा जानबूझकर किया। इसके बाद वह निलंबित प्रधानाध्यापक को जल्द ही बहाल कर उसी विद्यालय में तैनाती दे देते थे। एक ही विद्यालय में दो-दो प्रधानाध्यापकों का वेतन निर्गत करने के भी उनपर आरोप लगते रहे। चर्चा है कि यहां तैनाती के दौरान परिवार के एक सदस्य को विद्यालय में नौकरी दिलवाई थी।
शहर के पॉश इलाके में उनका अपार्टमेंट भी है। यहां उनका फार्म हाउस होने की भी चर्चा है। दबी जुबान विभाग के कर्मचारी और अधिकारी भी मानते हैं कि ब्रजेश की अकूत संपत्ति है।विभागीय लोग बताते हैं कि उनकी अच्छी राजनीतिक पकड़ है। इसी वजह से वह अक्सर मनमाने निर्णय लेते थे, जो बाद में विवादों की वजह बन जाते थे।