कोरोना से स्कूलों के बंद होने के कारण पिछड़ गई पढ़ाई को पटरी पर लाने के लिए यूपी बोर्ड में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें समय सीमा के भीतर पाठ्यक्रमों को खत्म करने और परीक्षा के लिए बच्चों को तैयार करने की योजना पर विचार विमर्श किया गया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम 32 शिक्षण सप्ताह में पूरा होगा। इसके लिए सप्ताह वार कोर्स को बांटा जाएगा। ताकि उसी के अनुरूप शिक्षक कक्षा में पढ़ाएं। शिक्षकों को सप्ताह के निर्धारित कोर्स को तय समय में पूरा कराना होगा। इसके लिए यूपी बोर्ड में शिक्षकों की कार्यशाला चल रही है। हर दिन अलग-अलग विषय के शिक्षकों के लिए कार्यशाला चल रही है। इससे पाठ्यक्रम को पूरा करने में सहूलियत होगी। साथ ही हर माह कितना पाठ्यक्रम पढ़ाना है। यह निर्धारित रहेगा।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव डॉ. दिव्य कांत शुक्ल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पूरे पाठ्यक्रम को 32 सप्ताह के कोर्स में बांटा गया है। इसके बाद सप्ताह वार कोर्स निर्धारित किया जाएगा। ताकि शिक्षकों को कक्षा में पढ़ाने में सहूलियत हो। इससे पूरे सूबे के स्कूलों में निर्धारित पाठ्यक्रम निश्चित समय में पढ़ाया जाएगा। पाठ्यक्रम के तीन प्रमुख भाग हैं। पहला कक्षा शिक्षण पाठ्यक्रम। इसके तहत कक्षा में क्या पढ़ाया जाना है। यह निर्धारित किया जाएगा। दूसरा होगा डिजिटल प्लेटफार्म। इसके कोर्स के कुछ डिजिटल प्लेटफार्म जैसे- वीडियो बनाकर अपलोड करना, कैसेट बनाकर बच्चों के पढ़ने लिए उपलब्ध कराना। तीसरा भाग है प्रोजेक्ट वर्क। इसके तहत कोर्स का वह जो प्रोजेक्ट के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा।