यूपी बोर्ड की ओर से नौवीं एवं ग्यारहवीं के छात्रों का पंजीकरण शुल्क 20 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये किए जाने का प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मंजूर कर लिया है। यूपी बोर्ड की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया था कि पंजीकरण शुल्क का एक हिस्सा यूपी बोर्ड को भी मिलना चाहिए। बोर्ड ने स्कूलों को पंजीकरण कार्य पूरा करने के लिए कुछ धन देने की सिफारिश की थी। शासन ने बोर्ड के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए पंजीकरण शुल्क 20 से 50 रुपये कर दिया। इसमें से 20 रुपये यूपी बोर्ड को, 10 रुपये स्कूलों को तथा पहले की तरह 20 रुपये शासन के हिस्से में तय किया गया है।
यूपी बोर्ड की ओर से नौवीं-ग्यारहवीं के पंजीकरण से लेकर दसवीं-बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं का डाटा पूरी तरह से स्कूल वाले तैयार करके बोर्ड को भेजते हैं, इसके लिए वह आउटसोर्सिंग के जरिए काम करवाते हैं। इसके लिए स्कूल वालों को अपने मद से पैसे खर्च करने पड़ते हैं। स्कूलों ने कई बार बोर्ड से धन आवंटित करने की मांग की थी। इसी प्रकार स्कूलों से मिले आंकड़े को तैयार करने का काम बोर्ड के जिम्मे आता था। इसके लिए कोई धन नहीं मिलता था। यूपी बोर्ड की सचिव शैल यादव के अनुसार अब नए मद से बोर्ड पंजीकरण से जुड़े कार्यों के लिए कंप्यूटर आदि खरीदा जा सकेगा। इसके लिए अलग से कार्यालय तैयार किया जाएगा। इसी प्रकार स्कूलों में भी पंजीकरण शुल्क में से 10 रुपये दिए जाने के बाद उनको खर्च चलाने में आसानी होगी।