पहली बार सॉफ्टवेयर से नियुक्त हुए 6980 अंकेक्षक, प्रधानाचार्यों को मिली अहम जिम्मेदारी
हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के गुणवत्तापूर्ण और त्रुटिरहित मूल्यांकन के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने पहली बार सॉफ्टवेयर के माध्यम से 6980 अंकेक्षक (ऑडिटर) नियुक्त किए हैं, इनमें प्रधानाचार्य और वरिष्ठ शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिषद का मानना है कि इस नई व्यवस्था से प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को त्रुटिरहित और निष्पक्ष परिणाम मिल सकेगा।
अंकेक्षक मूल्यांकित उत्तरपुस्तिकाओं में से 15 प्रतिशत कॉपियों का रैंडम परीक्षण करेंगे कि मूल्यांकन में किसी प्रकार की त्रुटि या अंक गणना में गलती न हो। पहले यह जिम्मेदारी मूल्यांकन केंद्रों के उप नियंत्रकों के माध्यम से तय होती थी, लेकिन पूर्व में कई तकनीकी और अंक गणना संबंधी त्रुटियां सामने आने के बाद परिषद ने व्यवस्था में बदलाव किया है।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि त्रुटिरहित और गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए प्रधानाचार्यों की वरिष्ठता, प्रशासनिक अनुभव और शैक्षणिक विशेषज्ञता के आधार पर उन्हें अंकेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। इससे लोगों में मूल्यांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ेगी और समाज व अभिभावकों के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा।