एक शहर, एक रेलवे जोन की वकालत
प्रयागराज में अलग-अलग रेलवे जोन के दखल को कम करने के लिए सांसद ने मांग की कि उत्तर रेलवे के प्रयाग जंक्शन, प्रयागराज संगम, फाफामऊ और पूर्वोत्तर रेलवे के प्रयागराज रामबाग एवं झूंसी स्टेशनों का विलय उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) में कर दिया जाए। इससे प्रशासनिक तालमेल बेहतर होगा। सांसद ने इस बात पर चिंता जताई कि प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण शहर में सियालदह राजधानी और अगरतला राजधानी जैसी दो दर्जन से अधिक प्रीमियम ट्रेनों का ठहराव नहीं है। उन्होंने मांग की कि प्रयागराज जंक्शन पर सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए।
प्रयागराज ने देश को कई प्रधानमंत्री दिए पर स्टेशन का कायाकल्प मोदी सरकार ने किया
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान प्रयागराज रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दशकों की सियासी निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस शहर ने देश को कई प्रधानमंत्री दिए, वहां के रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं के लिए दशकों तक इंतजार क्यों करना पड़ा। सदन को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि प्रयागराज ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से देश का हृदय स्थल रहा है।
उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि एक माननीय सांसद ने प्रयागराज की बात की और कहा कि वहां से कई प्रधानमंत्री आए। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि अगर इतने प्रधानमंत्री आए तो कांग्रेस के किसी प्रधानमंत्री ने प्रयागराज स्टेशन का नवनिर्माण करने का काम हाथ में क्यों नहीं लिया। रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि जंक्शन का कायाकल्प केवल रंग-रोगन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक सिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यहां विशाल रूफ प्लाजा और परिवहन के अन्य साधनों के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी दी जाएगी। आगामी महाकुंभ को देखते हुए रेल मंत्रालय मिशन मोड में काम कर रहा है, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को गरिमापूर्ण अनुभव मिल सके। वर्तमान सरकार का दृष्टिकोण छोटे-मोटे बदलाव करना नहीं, बल्कि रेलवे अनुभव का पूर्ण कायाकल्प करना है। हम विरासत और आधुनिकता को एक साथ जोड़ रहे हैं।